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बहरीन के लिए नामित भारतीय राजदूत डॉ. प्रदीप सिंह राजपुरोहित का जोधपुर में आत्मीय स्नेह-मिलन

जोधपुर। बहरीन में भारत के राजदूत के रूप में नियुक्त भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी डॉ. प्रदीप सिंह राजपुरोहित के जोधपुर आगमन पर अधिकारियों और प्रबुद्धजनों का आत्मीय मिलन हुआ। उपस्थित लोगों ने नई राजनयिक जिम्मेदारी के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं। समाज के लिए यह अवसर शिक्षा और सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ रही नई पीढ़ी को प्रेरित करने वाला है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने 21 मई 2026 को डॉ. राजपुरोहित को बहरीन में भारत का अगला राजदूत नियुक्त करने की घोषणा की थी। वे 2004 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी हैं। घोषणा के समय वे त्रिनिदाद और टोबैगो में भारत के उच्चायुक्त के रूप में कार्यरत थे। नियुक्ति की घोषणा और संबंधित देश में औपचारिक पदभार ग्रहण करना अलग चरण होते हैं; इसी वजह से जोधपुर के मिलन को उनकी नई जिम्मेदारी के अवसर पर हुआ सम्मान कहना सटीक है।

जोधपुर में हुए मिलन ने समाज के अधिकारियों और प्रबुद्ध लोगों को एक साथ आने का अवसर दिया। एक व्यक्ति की उपलब्धि के साथ उसकी सार्वजनिक सेवा के दायित्व को समझना भी जरूरी है। राजदूत का कार्य दूसरे देश में भारत का प्रतिनिधित्व करना तथा दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने से जुड़ा होता है।

राजपुरोहित समाज के विद्यार्थियों के लिए भारतीय विदेश सेवा जैसा करियर गंभीर अध्ययन, भाषाई समझ, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी और अंतरराष्ट्रीय विषयों में रुचि की प्रेरणा देता है। डॉ. राजपुरोहित को मिली जिम्मेदारी पर समाजबंधुओं ने प्रसन्नता व्यक्त की और सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।

ब्रह्मधाम आसोतरा में 31 दिसंबर से चार दिवसीय आयोजन प्रस्तावित, हनुमान कथा की तैयारी

बालोतरा। श्री खेतेश्वर ब्रह्मधाम तीर्थ, आसोतरा में 31 दिसंबर 2026 से चार दिवसीय धार्मिक आयोजन की तैयारियों की जानकारी सामने आई है। राष्ट्रीय हिंदू एकता संघ के बैनर तले प्रस्तावित कार्यक्रम में श्रीराम भक्त हनुमान कथा और दिव्य दरबार की योजना है। आयोजकों के अनुसार ब्रह्मधाम के पीठाधिपति गुरुदेव श्री तुलछारामजी महाराज के सानिध्य में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा प्रस्तावित है। चार दिन का कार्यक्रम तय योजना के अनुसार 3 जनवरी 2027 तक चलेगा।

ब्रह्मधाम आसोतरा राजपुरोहित समाज की श्रद्धा और गुरु परंपरा से जुड़ा प्रमुख तीर्थ है। यहां आयोजन की सूचना से दूर-दूर बसे समाजबंधुओं को फिर एक स्थान पर मिलने का अवसर मिल सकता है। कथा, भजन और संत समागम जैसे कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ परिवारों और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ते हैं। आयोजकों ने सेवा, सद्भाव और सामाजिक एकता को कार्यक्रम का उद्देश्य बताया है।

फिलहाल इसे प्रस्तावित आयोजन की सूचना के रूप में ही पढ़ा जाना चाहिए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने, भोजन और यातायात की व्यापक व्यवस्था तथा विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं, लेकिन उनके अंतिम आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं हैं। दैनिक कथा का समय, प्रवेश, आवास, पार्किंग और यात्रा संबंधी व्यवस्थाओं की पुष्टि भी शेष है। बाहर से आने वाले श्रद्धालु टिकट या ठहरने की योजना बनाने से पहले आयोजन समिति और ब्रह्मधाम की अद्यतन सूचना देखें।

गुरु परंपरा से जुड़े समाजबंधुओं के लिए प्रस्तावित कथा का महत्व केवल बड़े आयोजन में शामिल होने तक सीमित नहीं है। सामूहिक सेवा, अनुशासन और आपसी सहयोग से ही ऐसा कार्यक्रम सार्थक बनता है। व्यवस्थाओं का अंतिम कार्यक्रम जारी होने पर श्रद्धालुओं को समय और स्थान की पुष्ट जानकारी मिल सकेगी।

देसूरी में स्वच्छता जागरूकता रैली, मुकेश सिंह राजपुरोहित ने दिया जनसेवा का संदेश

देसूरी (पाली)। गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को फॉरेस्टब्रुक इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने नगर में स्वच्छता जागरूकता रैली निकाली। मुकेश सिंह राजपुरोहित ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विद्यार्थियों ने लोगों से घर और आसपास सफाई रखने, कचरा निर्धारित स्थान पर डालने तथा स्वच्छता को रोजमर्रा की आदत बनाने का आग्रह किया।

रैली में बच्चों की भागीदारी ने संदेश को नगर के लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। स्वच्छता केवल एक दिन के अभियान का विषय नहीं है। सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के लिए स्थानीय नागरिकों की नियमित भागीदारी जरूरी होती है। बच्चों ने इसी जिम्मेदारी की ओर ध्यान दिलाया।

महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती से जुड़े विद्यालय कार्यक्रम में भाषण, निबंध लेखन और पोस्टर बनाने की गतिविधियां भी रखी गईं। विद्यार्थियों ने स्वच्छता के साथ अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी पर अपने विचार व्यक्त किए। विद्यालय के निदेशक मनीष द्विवेदी, श्रेया द्विवेदी, समन्वयक दलपत मारू और शिक्षकों ने कार्यक्रम में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

मुकेश सिंह राजपुरोहित की भागीदारी राजपुरोहित समाज के लिए भी प्रसन्नता का विषय है। बच्चों के नेतृत्व में ऐसे जनहित के कार्य समुदायों के बीच सहयोग बढ़ाते हैं। विद्यार्थियों को जब अपने नगर की समस्याओं को समझने और समाधान का संदेश देने का अवसर मिलता है, तो शिक्षा कक्षा से बाहर समाज के काम आती है। विद्यालय परिवार ने बच्चों की सहभागिता की सराहना करते हुए साफ और स्वस्थ वातावरण के लिए निरंतर प्रयास का संदेश दिया।

दिल्ली में गुरुदेव श्री तुलसारामजी महाराज का भव्य स्वागत, शोभायात्रा और भजन संध्या में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

नई दिल्ली। ब्रह्म सावित्री सिद्ध पीठाधीश्वर परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री 1008 श्री तुलसारामजी महाराज के दिल्ली आगमन पर राजपुरोहित समाज दिल्ली-एनसीआर ने श्रद्धा और उल्लास के साथ भव्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया। गुरुदेव वृंदावन में भगवान श्री बांके बिहारीजी के श्रीचरणों और मां यमुना के पावन तट पर चातुर्मास की तप-साधना पूर्ण करने के बाद 4 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पहुंचे। उनके स्वागत में निकली शोभायात्रा, भजन संध्या, आशीर्वचन और प्रसादी ने कार्यक्रम को समाज की आस्था तथा एकता का विशेष अवसर बना दिया। गुरुदेव के आगमन पर आकर्षक रूप से सजाई गई बग्गी में उन्हें विराजमान कर शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा में पुरुषों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में समाजबंधुओं एवं श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मार्ग में गुरुदेव के जयकारे गूंजते रहे और श्रद्धालुओं ने उनके दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरुदेव के साथ आए भक्तों का भी सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। धार्मिक वातावरण में निकली यह शोभायात्रा दिल्ली-एनसीआर में बसे राजपुरोहित परिवारों के लिए अपनी गुरु परंपरा और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का भावपूर्ण माध्यम बनी। शोभायात्रा के बाद आयोजित भजन संध्या में भक्ति के स्वर देर तक गूंजते रहे। भजन कलाकार चुन्नीलाल राजपुरोहित ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर किया। सामूहिक भजन, गुरु वंदना और जयकारों के बीच उपस्थित समाजबंधु भाव-विभोर दिखाई दिए। कार्यक्रम का मंच संचालन चंदन सिंह ने किया। आयोजन के समापन पर प्रसादी की व्यवस्था भी रखी गई, जिसमें समाजबंधुओं और श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। गुरुदेव श्री तुलसारामजी महाराज ने अपने आशीर्वचन में माता-पिता की सेवा को जीवन का प्रमुख धर्म बताया। उन्होंने कहा कि माता-पिता संतान को जन्म देने के साथ संस्कार, शिक्षा और जीवन की दिशा देते हैं, इसलिए उनकी तन-मन से सेवा और आज्ञा का पालन प्रत्येक व्यक्ति का प्रथम कर्तव्य होना चाहिए। गुरुदेव ने समाजबंधुओं को सत्य के मार्ग पर चलने, अच्छे कर्म करने और बुरे व्यसनों से दूर रहने का संदेश भी दिया। उनके आशीर्वचनों में परिवार, संस्कार, सदाचार और सामाजिक जिम्मेदारी को जीवन में उतारने पर विशेष जोर रहा। कार्यक्रम में राजपुरोहित समाज दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधि और समाजबंधु उपस्थित रहे। इनमें कान सिंह गुरलाई, श्रवण सिंह नारवा, जोरावर सिंह कनोडिया, सोहन सिंह पुरोहितासनी, पहलाद सिंह मादड़ी, जबर सिंह भासूदा, पवन सिंह ढाबर, बाबू सिंह सरवड़ी, बलवंत सिंह सिद्धमुख, गोविंद सिंह निम्बाड़ा, डूंगर सिंह अराबा, भेरू सिंह सराना, भैरू सिंह लूम्बावास, दीपक भीनमाल, जोग सिंह आलासन, नरपत सिंह आलासन, रतन सिंह खुड़ी, गोरधन सिंह लेड़ी, स्वरूप सिंह चावंडा और भंवर सिंह नारवा सहित अनेक श्रद्धालु शामिल हुए। दिल्ली-एनसीआर में बड़ी संख्या में राजपुरोहित परिवार निवास करते हैं। अपने मूल गांवों और राजस्थान से दूर रहते हुए भी ऐसे धार्मिक आयोजन उन्हें गुरु परंपरा, संस्कार और समाज की सामूहिक पहचान से जोड़े रखते हैं। एक ही मंच पर वरिष्ठों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भागीदारी समाज में पीढ़ियों के बीच संवाद बढ़ाती है। धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को सेवा, अनुशासन, माता-पिता के सम्मान तथा व्यसनमुक्त जीवन का संदेश मिलने से आयोजन का सामाजिक महत्व भी बढ़ जाता है। वृंदावन चातुर्मास के बाद गुरुदेव का दिल्ली आगमन भक्तों के लिए विशेष रहा। चातुर्मास साधना, संयम, सत्संग और आत्मचिंतन की परंपरा से जुड़ा काल है। इस तप-साधना के पश्चात गुरुदेव के दर्शन और मार्गदर्शन का अवसर मिलने पर समाजबंधुओं ने प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरुदेव द्वारा बताए सेवा, प्रेम, सदाचार और परस्पर सहयोग के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। यह आयोजन केवल स्वागत समारोह नहीं रहा, बल्कि राजपुरोहित समाज की गुरु भक्ति और संगठन शक्ति का जीवंत उदाहरण बना। दिल्ली जैसे महानगर में समाजबंधुओं का एकत्र होना यह दर्शाता है कि भौगोलिक दूरी के बावजूद गुरु परंपरा और सामाजिक रिश्ते मजबूत हैं। आयोजन के माध्यम से परिवारों ने एक-दूसरे से संपर्क बढ़ाया और समाज में प्रेम, संस्कार, सेवा तथा आपसी सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

कुचामन सिटी की अग्रसेन जयंती भजन संध्या में मुकेश राजपुरोहित की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कुचामन सिटी। शहर के स्टेशन रोड स्थित सुवा देवी सुवा लाल अग्रवाल समाज सत्संग भवन में 6 अक्टूबर 2026 को आयोजित अग्रसेन जयंती महोत्सव की भजन संध्या में भजन गायक मुकेश राजपुरोहित ने भक्तिमय प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम महोत्सव के तीसरे दिन आयोजित हुआ, जिसमें समाजबंधुओं, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। मुकेश राजपुरोहित की मधुर प्रस्तुति के दौरान पूरा सत्संग भवन भक्ति, उल्लास और सामूहिक सहभागिता के वातावरण से भर गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। इसके बाद आयोजन समिति की ओर से मुकेश राजपुरोहित का सम्मान किया गया और भजन संध्या प्रारंभ हुई। भजनों की शुरुआत भगवान श्रीगणेश के स्मरण तथा महाराजा अग्रसेन को समर्पित रचनाओं से हुई। इसके बाद श्याम बाबा, बालाजी महाराज और माताजी के भजनों की प्रस्तुतियां दी गईं। श्रद्धालुओं ने भजनों में स्वर मिलाया और तालियों के साथ कलाकार का उत्साह बढ़ाया। भजन संध्या के दौरान अग्रवाल समाज समिति, महिला मंडल और नवयुवक मंडल के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कई श्रद्धालु भक्ति संगीत पर झूमते दिखाई दिए। आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक मेल-मिलाप का भाव भी प्रमुख रहा। अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों का एक ही स्थान पर एकत्र होकर भक्ति संगीत का आनंद लेना कार्यक्रम की विशेषता रही। महोत्सव के तीसरे दिन बच्चों और महिलाओं के लिए विभिन्न मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। बच्चों की ‘मिस्ट्री ट्रैक’ प्रतियोगिता में हितेन मोर ने प्रथम और हितेश मंडावाला ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। महिलाओं के लिए आयोजित गतिविधियों में भी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विजेताओं और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया। इन कार्यक्रमों ने भजन संध्या को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए पारिवारिक और सामुदायिक उत्सव का रूप दिया। मुकेश राजपुरोहित की प्रस्तुति राजपुरोहित समाज के लिए भी प्रसन्नता और गौरव का विषय है। किसी दूसरे समाज के बड़े सांस्कृतिक मंच पर राजपुरोहित कलाकार का सम्मानपूर्वक आमंत्रित होना और उसकी कला को सराहना मिलना समाज की प्रतिभाओं के लिए सकारात्मक संकेत है। संगीत, साहित्य, शिक्षा, खेल और जनसेवा जैसे क्षेत्रों में समाज के युवाओं की भागीदारी बढ़ने से नई पीढ़ी को अपनी योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। भक्ति संगीत भारतीय समाज में केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा है। यह संस्कार, आस्था और सामूहिक चेतना को जोड़ने वाली परंपरा भी है। भगवान गणेश, महाराजा अग्रसेन, श्याम बाबा, बालाजी महाराज और माताजी को समर्पित भजनों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में विविध धार्मिक भावों को एक सूत्र में जोड़ा। मुकेश राजपुरोहित ने अपनी गायकी के माध्यम से इन भावों को श्रोताओं तक पहुंचाया और सभागार में श्रद्धा का वातावरण बनाया। ऐसे आयोजनों में कलाकार की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वह मंच और श्रोताओं के बीच भावनात्मक सेतु का काम करता है। कुचामन सिटी की इस भजन संध्या में भी श्रद्धालुओं की सहभागिता और कलाकार की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बनाया। उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से भक्ति संगीत का आनंद लिया और एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनने, सेवा तथा परस्पर सहयोग जैसी सामाजिक भावनाओं को मजबूत किया। राजपुरोहित समाज में धार्मिक परंपराओं, लोक-संगीत और भजन गायन से जुड़ी अनेक प्रतिभाएं हैं। ऐसी प्रतिभाओं को विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक मंचों पर अवसर मिलना आपसी सद्भाव को बढ़ाता है। यह संदेश भी सामने आता है कि कला किसी एक समुदाय की सीमा में बंधी नहीं होती; वह विभिन्न समाजों को जोड़ती है और सम्मान का साझा वातावरण तैयार करती है। कुचामन सिटी में आयोजित यह भजन संध्या धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक प्रस्तुति और सामाजिक सहभागिता का सुंदर संगम रही। मुकेश राजपुरोहित के सम्मान तथा उनकी भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने राजपुरोहित समाज का नाम भी गौरवान्वित किया। समाजबंधुओं ने उनकी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भविष्य में भी धार्मिक और सांस्कृतिक मंचों पर उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

समाज के लिए गौरव: IAS प्रकाश राजपुरोहित भारत निर्वाचन आयोग में उप निर्वाचन आयुक्त नियुक्त

नई दिल्ली। राजस्थान कैडर के वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी प्रकाश राजपुरोहित को भारत निर्वाचन आयोग में उप निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय के आदेश के अनुसार उनकी नियुक्ति मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति की मंजूरी के बाद की गई है। वे वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और निर्वाचन आयोग में संजय कुमार का स्थान लेंगे। यह जिम्मेदारी संयुक्त सचिव स्तर के समकक्ष मानी जाती है।

प्रकाश राजपुरोहित का कार्यकाल 8 अप्रैल 2030 तक, अथवा अगले आदेश तक रहेगा। यह नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और राष्ट्रीय संस्थानों में किए गए 27 संयुक्त सचिव स्तर तथा समकक्ष पदों के प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है। इतने महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थान में वरिष्ठ दायित्व मिलना उनके प्रशासनिक अनुभव और अब तक की सेवाओं का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

नियुक्ति से पहले प्रकाश राजपुरोहित रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने यह जिम्मेदारी मई 2026 में संभाली थी। इससे पहले वे आर्थिक मामलों के विभाग में निदेशक के रूप में सेवाएं दे चुके हैं, जहां उनके कार्यक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय निवेश संधियों से जुड़े विषय शामिल थे। राजस्थान में भी उन्होंने जिला प्रशासन और कर प्रशासन से संबंधित कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। इनमें अजमेर जिला कलेक्टर तथा वाणिज्यिक कर आयुक्त जैसी जिम्मेदारियां शामिल रही हैं।

उपलब्ध सार्वजनिक परिचय के अनुसार प्रकाश राजपुरोहित ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की शिक्षा प्राप्त की है। तकनीकी शिक्षा से भारतीय प्रशासनिक सेवा तक का उनका सफर अध्ययन, प्रतिस्पर्धा और प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण प्रस्तुत करता है। राजस्थान कैडर में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाने के बाद केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण विभागों में मिला अनुभव अब निर्वाचन आयोग में उनके नए दायित्व के लिए उपयोगी होगा।

भारत निर्वाचन आयोग देश में लोकसभा, राज्य विधानसभाओं तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों के संचालन और निगरानी से जुड़ा संवैधानिक निकाय है। उप निर्वाचन आयुक्त का पद आयोग की वरिष्ठ प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। हालांकि किसी अधिकारी को कौन-सा विशिष्ट विभाग या कार्यक्षेत्र सौंपा जाएगा, इसका निर्धारण आयोग की आंतरिक कार्य-विभाजन व्यवस्था के अनुसार होता है। इसलिए नियुक्ति आदेश में पुष्टि किए गए पद और कार्यकाल से आगे किसी विशेष जिम्मेदारी का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।

प्रकाश राजपुरोहित की नियुक्ति राजपुरोहित समाज के लिए विशेष गौरव का अवसर है। समाज की नई पीढ़ी के लिए यह उपलब्धि बताती है कि अनुशासित शिक्षा, निरंतर तैयारी और ईमानदार सेवा के माध्यम से देश की सर्वोच्च प्रशासनिक संस्थाओं तक पहुंच बनाई जा सकती है। प्रशासनिक सेवा केवल पद और प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि संविधान, निष्पक्षता और जनविश्वास के प्रति बड़ी जवाबदेही भी है। निर्वाचन आयोग जैसी संस्था में यह उत्तरदायित्व और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।

समाज में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रकाश राजपुरोहित का करियर प्रेरणादायक है। उनकी यात्रा इस बात का उदाहरण है कि तकनीकी शिक्षा प्राप्त विद्यार्थी भी प्रशासनिक सेवा में प्रवेश कर विविध क्षेत्रों में योगदान दे सकते हैं। जिला प्रशासन, आर्थिक नीति, कर व्यवस्था और रक्षा उत्पादन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य करने के बाद निर्वाचन प्रबंधन से जुड़े राष्ट्रीय संस्थान में नियुक्ति उनकी व्यापक प्रशासनिक क्षमता को दर्शाती है।

इस अवसर पर समाजबंधुओं की ओर से प्रकाश राजपुरोहित को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी जा रही हैं। अपेक्षा है कि वे अपनी नई जिम्मेदारी को निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप निभाते हुए देश की निर्वाचन व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान देंगे। उनकी यह उपलब्धि व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ राजस्थान और पूरे राजपुरोहित समाज के लिए सम्मान का विषय है।

RAJPUROHIT NEWS EXPRESS की ओर से IAS प्रकाश राजपुरोहित को उप निर्वाचन आयुक्त नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं सफल कार्यकाल के लिए मंगलकामनाएं।

जालौर के छगन राजपुरोहित राजस्थान अंडर-23 क्रिकेट टीम में चयनित, सीके नायडू ट्रॉफी में मिला अवसर

जालौर। आहोर क्षेत्र के छिपरवाड़ा गांव के क्रिकेटर छगन राजपुरोहित का राजस्थान की अंडर-23 पुरुष क्रिकेट टीम में चयन हुआ है। टीम आगामी बीसीसीआई कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी के लिए घोषित की गई है। राज्य स्तर की टीम में जालौर के खिलाड़ी को जगह मिलने से जिले के क्रिकेट प्रेमियों में प्रसन्नता है। यह चयन उनके लिए प्रतिस्पर्धी घरेलू क्रिकेट के अगले स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर है।

राजस्थान टीम की घोषित सूची में उनका नाम ‘पुरोहित छगन सिंह’ के रूप में दर्ज है। जालौर की स्थानीय खबरों में उन्हें छगन राजपुरोहित और छिपरवाड़ा निवासी बताया गया है। नाम की प्रस्तुति में यह अंतर ध्यान में रखते हुए दोनों विवरणों का मिलान किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वे जिला क्रिकेट संघ, जालौर से जुड़े खिलाड़ी हैं। उनकी बल्लेबाजी या गेंदबाजी की भूमिका, पिछले मैचों के आंकड़े और चयन प्रक्रिया के व्यक्तिगत चरणों का पुष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है।

राजस्थान की अंडर-23 टीम का नेतृत्व सीकर के हिमांशु नेहरा करेंगे, जबकि आयुष अमेरिया उपकप्तान बनाए गए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राजस्थान का पहला मुकाबला 12 से 15 अक्टूबर के बीच हिमाचल प्रदेश से होना है। इसके बाद 19 से 22 अक्टूबर तक बंगाल के विरुद्ध जयपुर में मैच प्रस्तावित है। टीम में चयन का अर्थ अंतिम एकादश में स्थान सुनिश्चित होना नहीं है; आगामी मुकाबलों के लिए खेलने वाली टीम का निर्णय अलग से होगा।

जालौर में चयन की सूचना के बाद जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों और खेल प्रेमियों ने छगन का अभिनंदन किया। उपलब्ध स्थानीय विवरण के अनुसार उन्हें साफा और माला पहनाई गई तथा मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दी गईं। जिला क्रिकेट संघ के सचिव सतीश व्यास का नाम भी इस अवसर से जुड़ा है। इस स्वागत ने एक युवा खिलाड़ी की उपलब्धि के साथ जिले में खेल प्रतिभाओं को मिलने वाले सामुदायिक समर्थन को भी सामने रखा।

अंडर-23 वर्ग वरिष्ठ क्रिकेट तक पहुंचने की तैयारी का अहम चरण है। इस स्तर पर खिलाड़ी को अधिक प्रतिस्पर्धी मुकाबलों में अपनी तकनीक, अनुशासन और मानसिक धैर्य की परीक्षा देनी होती है। राज्य की टीम में जगह बनना स्वयं में उल्लेखनीय उपलब्धि है, लेकिन आगे का प्रदर्शन लगातार अभ्यास, फिटनेस और अवसरों के उपयोग पर निर्भर करेगा। छगन के लिए भी आगामी टूर्नामेंट अपनी तैयारी को मैदान पर दिखाने का अवसर होगा।

जालौर जैसे जिले के युवा खिलाड़ियों के लिए इस चयन का एक व्यावहारिक महत्व है। स्थानीय मैदानों और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं से शुरू होने वाला सफर राज्य टीम तक पहुंच सकता है। परिवार, प्रशिक्षकों और खेल संस्थाओं का सहयोग इस यात्रा में अहम रहता है। छगन के चयन से क्रिकेट में रुचि रखने वाले अन्य युवाओं को नियमित अभ्यास और प्रतिस्पर्धा में भागीदारी की प्रेरणा मिल सकती है। हालांकि किसी एक खिलाड़ी की सफलता को पूरे जिले की खेल व्यवस्था की स्थिति का प्रमाण मानना उचित नहीं होगा।

राजपुरोहित समाज के लिए यह उपलब्धि शिक्षा और खेल के विविध क्षेत्रों में आगे बढ़ती नई पीढ़ी की एक सकारात्मक खबर है। छगन के टीम में चयन पर उन्हें बधाई और आगामी मैचों के लिए शुभकामनाएं मिल रही हैं। इस अवसर पर युवाओं को खेल में प्रोत्साहन देने, अभ्यास के लिए समय और सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा उपलब्धियों को जिम्मेदारी से प्रस्तुत करने की जरूरत भी रेखांकित होती है।

अब निगाहें राजस्थान की अंडर-23 टीम के आने वाले मुकाबलों पर रहेंगी। छगन को मैच में खेलने का अवसर मिलता है तो उनके प्रदर्शन की जानकारी आधिकारिक स्कोरकार्ड से स्पष्ट होगी। फिलहाल पुष्टि की गई खबर उनका राज्य टीम में चयन है। RAJPUROHIT NEWS EXPRESS की ओर से उन्हें इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और सफल क्रिकेट यात्रा के लिए शुभकामनाएं।

आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित ने बागरा से भाजपा का प्रचार रथ रवाना किया

बागरा (जालोर)। आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित ने मंगलवार, 29 सितंबर को बागरा स्थित पार्टी कार्यालय से भाजपा के प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पंचायती राज चुनावों की तैयारियों के बीच शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य विधानसभा क्षेत्र के गांवों और ढाणियों तक राज्य सरकार की योजनाओं तथा विकास कार्यों की जानकारी पहुँचाना बताया गया है।

कार्यक्रम में विधायक ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों तक पहुँचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रचार रथ के जरिए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और क्षेत्र में किए गए कार्यों की जानकारी आमजन के सामने रखी जाएगी। रथ में प्रचार सामग्री और ऑडियो संदेशों का उपयोग किया जाएगा।

रथ रवाना किए जाने के दौरान स्थानीय पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। चुनावी गतिविधियों में इस तरह का अभियान मतदाताओं के बीच दल का संदेश पहुँचाने का माध्यम है। योजनाओं की जानकारी देते समय पात्रता, आवेदन की प्रक्रिया और वास्तविक लाभ के बारे में स्पष्ट विवरण देना भी आवश्यक होगा, ताकि ग्रामीण अपने लिए उपयोगी जानकारी समझ सकें।

राजपुरोहित समाज से आने वाले विधायक छगनसिंह राजपुरोहित आहोर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके नेतृत्व में शुरू हुए इस अभियान की आगे की गतिविधियों और गांवों में मिलने वाली प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी।

बल्लभगढ़ में राजपुरोहित समाज ने गुरुदेव श्री तुलछारामजी और महंत निर्मलदासजी महाराज का किया स्वागत

बल्लभगढ़। राजपुरोहित समाज के लोगों ने सोमवार, 28 सितंबर को बल्लभगढ़ में गुरुदेव श्री 1008 तुलछारामजी महाराज और महंत श्री निर्मलदासजी महाराज का आदरपूर्वक स्वागत किया। नेशनल हाईवे स्थित शुभम बैंक्वेट हॉल में हुए कार्यक्रम में समाजबंधुओं ने दोनों संतों का अभिनंदन किया और उनका आशीर्वाद लिया।

गुरुदेव श्री तुलछारामजी महाराज हाल ही में अपना 46वाँ दिव्य चातुर्मास और तप साधना वृंदावन में संपन्न कर बल्लभगढ़ पहुँचे थे। उनके आगमन की खबर से स्थानीय राजपुरोहित समाज में उत्साह रहा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने धार्मिक वातावरण में सहभागिता की। महंत श्री निर्मलदासजी महाराज का भी समाज की ओर से सम्मान किया गया।

संतों का स्वागत केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा। अलग-अलग स्थानों पर रहने वाले समाजबंधुओं के लिए यह अपनी गुरु परंपरा से जुड़ने और एक साथ मिलने का अवसर बना। उपस्थित श्रद्धालुओं ने संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरुदेव ने लोगों को धर्म और संस्कारों के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

राजपुरोहित समाज में गुरु परंपरा का विशेष स्थान है। श्री खेतेश्वर ब्रह्मधाम तीर्थ, आसोतरा से जुड़ी यह परंपरा श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता की प्रेरणा देती है। बल्लभगढ़ का यह आयोजन उसी सम्मान और आपसी जुड़ाव का उदाहरण बना। समाजबंधुओं ने संतों के आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त की और धार्मिक मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का भाव साझा किया।

पूर्णिमा पर खेतेश्वर ब्रह्मधाम आसोतरा में उमड़े श्रद्धालु, गुरु परंपरा के प्रति दिखी आस्था

आसोतरा (बालोतरा)। पूर्णिमा के अवसर पर श्री खेतेश्वर ब्रह्मधाम तीर्थ, आसोतरा में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। राजपुरोहित समाज के इस आराध्य स्थल पर पहुंचे समाजबंधुओं और अन्य भक्तों ने दर्शन-पूजन कर गुरु परंपरा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। मंदिर परिसर में भक्तों की मौजूदगी ने पर्व को विशेष धार्मिक स्वरूप दिया।

ब्रह्मधाम से जुड़े गुरुदेव श्री तुलछारामजी महाराज के चातुर्मास समापन की खबर भी इस अवसर पर सामने आई है। चातुर्मास में साधना और सत्संग का महत्व है। इसके संपन्न होने का अवसर श्रद्धालुओं के लिए गुरुदेव के प्रति आस्था और सेवा के भाव को फिर से व्यक्त करने का समय बना।

राजपुरोहित समाज के लिए आसोतरा का ब्रह्मधाम केवल एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि गुरु श्री खेतेश्वरजी महाराज की स्मृति और समाज की साझा आध्यात्मिक पहचान से जुड़ा केंद्र है। पूर्णिमा पर यहां जुटना अलग-अलग स्थानों से आने वाले समाजबंधुओं को अपनी परंपरा से जोड़ता है। दर्शन और पूजा के साथ समाज में आपसी स्नेह, सेवा और एकता बनाए रखने का संदेश भी इसी परंपरा से मिलता है।

श्रद्धालुओं की यह उपस्थिति बताती है कि गुरु परंपरा के प्रति सम्मान आज भी समाज को जोड़ने की शक्ति रखता है। RAJPUROHIT NEWS EXPRESS की ओर से इस पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं।

बीकानेर के वरिष्ठ पत्रकार अशोक राजपुरोहित का निधन, पत्रकारिता जगत में शोक

बीकानेर, 27 सितंबर 2026। वरिष्ठ पत्रकार अशोक राजपुरोहित का रविवार को निधन हो गया। वे दैनिक भास्कर में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत थे। उनके निधन पर बीकानेर के पत्रकार साथियों ने शोक व्यक्त किया है।

अशोक राजपुरोहित लंबे समय से पत्रकारिता से जुड़े थे। उनका जाना उनके परिवार और सहयोगियों के लिए दुखद है। RAJPUROHIT NEWS EXPRESS उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता है।

थानसिंह डोली को बालोतरा जिले का सहप्रभारी बनाए जाने पर हार्दिक शुभकामनाएँ

बालोतरा। आगामी पंचायती राज चुनावों की तैयारियों के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने राजस्थान में जिला प्रभारियों और सहप्रभारियों की सूची जारी की है। पार्टी के 25 सितंबर 2026 के पत्र में थानसिंह डोली को बालोतरा जिले का सहप्रभारी बनाया गया है। पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल को जिले का प्रभारी तथा जालाराम पालीवाल और धर्माराम देवासी को भी सहप्रभारी बनाया गया है।

पार्टी पत्र के अनुसार, प्रभारियों को जिलों में कार्यकर्ताओं से समन्वय करने, संगठन की स्थिति की समीक्षा करने और चुनाव संबंधी गतिविधियों में सहयोग करने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें अपनी रिपोर्ट प्रदेश स्तरीय चुनाव प्रबंधन समिति के सामने प्रस्तुत करनी है।

नई जिम्मेदारी मिलने पर थानसिंह डोली ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि वे यह जिम्मेदारी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

थानसिंह डोली को इस जिम्मेदारी के लिए RAJPUROHIT NEWS EXPRESS की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। आशा है कि वे कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और समन्वय बनाकर अपनी जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाएँगे।

गुरुदेव श्री तुलछारामजी महाराज के जन्मोत्सव पर हैदराबाद में भोजन प्रसादी वितरण

हैदराबाद–सिकंदराबाद, 25 सितंबर। गुरुदेव श्री तुलछारामजी महाराज के जन्मोत्सव के अवसर पर श्री खेतेश्वर सेवा समिति, हैदराबाद–सिकंदराबाद की ओर से गणेश महोत्सव में भोजन प्रसादी वितरण का आयोजन रखा गया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं और समाज बंधुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई। 
आयोजन स्थल पर लगे समिति के शुभकामना बैनर में गुरुदेव श्री तुलछारामजी महाराज को अवतरण दिवस की बधाई दी गई है। बैनर पर “जय श्री रघुनाथजी री सा” और “सतगुरु भगवान का आशीर्वाद सदा बना रहे” के संदेश भी लिखे हैं। इसमें गुरुदेव श्री खेतेश्वर महाराजजी की गुरु परंपरा के प्रति समाज की श्रद्धा झलकती है।

मंच पर गुरुदेव श्री खेतारामजी महाराज के चित्र के सामने श्रद्धालुओं ने आरती और पूजा की। समिति के स्वागत बैनर और कार्यक्रम स्थल पर जुटे लोगों की तस्वीरें जन्मोत्सव से जुड़े इस आयोजन की झलक दिखाती हैं। गुरुदेव का जन्मोत्सव और गणेश महोत्सव समाज बंधुओं को सेवा और सद्भाव के लिए साथ आने का अवसर देते हैं। भोजन प्रसादी वितरण का उद्देश्य श्रद्धालुओं के साथ उत्सव की खुशी साझा करना और समाज में सहयोग की भावना को आगे बढ़ाना है। ऐसे अवसर नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, गुरु परंपरा और सेवा के महत्व से जोड़ते हैं।

राजपुरोहित समाज की एकता केवल साथ उपस्थित होने से नहीं, बल्कि परस्पर सम्मान, सहयोग और जरूरत के समय एक-दूसरे का साथ देने से मजबूत होती है। जन्मोत्सव पर यही संकल्प सबसे सुंदर शुभकामना है कि समाज में आपसी स्नेह बना रहे और सेवा के कार्य निरंतर आगे बढ़ें।

RAJPUROHIT NEWS EXPRESS की ओर से गुरुदेव श्री तुलछारामजी महाराज को जन्मोत्सव की सादर शुभकामनाएँ। उनके स्वस्थ एवं मंगलमय जीवन तथा समस्त समाज की सुख-समृद्धि की कामना।

समाज के लिए गौरव: डॉ. श्यामसिंह राजपुरोहित उदयपुर पारिवारिक न्यायालय में काउंसलर नियुक्त

उदयपुर। राजपुरोहित समाज के लिए गौरव का समाचार सामने आया है। राजस्थान उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर राज्य सरकार ने डॉ. श्यामसिंह राजपुरोहित को पारिवारिक न्यायालय क्रम संख्या-3, उदयपुर में काउंसलर के पद पर नियुक्त किया है। डॉ. श्यामसिंह राजपुरोहित उदयपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए समाजबंधुओं ने डॉ. राजपुरोहित को बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दी हैं। यह नियुक्ति शिक्षा, कानून और समाजसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे युवाओं के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि है। राजपुरोहित न्यूज एक्सप्रेस परिवार की ओर से डॉ. श्यामसिंह राजपुरोहित को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं। जय श्री रघुनाथजी री सा

द रिसाला ट्रेडर्स एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी में राजपुरोहित समाज को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

राजपुरोहित समाज समाचार
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द रिसाला ट्रेडर्स एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी में किशोर सिंह राजपुरोहित उपाध्यक्ष और रमेश कुमार राजपुरोहित सह कोषाध्यक्ष नियुक्त

हैदराबाद। द रिसाला ट्रेडर्स एसोसिएशन, रिसाला अब्दुल्लाह, हैदराबाद की नई कार्यकारिणी में समाजसेवी एवं व्यापारी श्री किशोर सिंह जी राजपुरोहित को उपाध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।

श्री किशोर सिंह राजपुरोहित, महिलावास–आनंद डेकोरेशन, उस्मानगंज को नई जिम्मेदारी मिलने पर समाजबंधुओं, व्यापारियों और शुभचिंतकों ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सभी ने विश्वास जताया कि उनके अनुभव, सहयोग और मार्गदर्शन से एसोसिएशन को और मजबूती मिलेगी।

इसी अवसर पर श्री रमेश कुमार राजपुरोहित (भावरानी), एस.एस. बॉल पेन, उस्मानगंज, हैदराबाद को सह कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने पर भी हार्दिक अभिनंदन किया गया।

नई जिम्मेदारी मिलने पर दोनों पदाधिकारियों ने एसोसिएशन के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया और व्यापारियों के हित में पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से कार्य करने का संकल्प लिया।

राजपुरोहित न्यूज एक्सप्रेस परिवार की ओर से श्री किशोर सिंह राजपुरोहित एवं श्री रमेश कुमार राजपुरोहित को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं।

जय श्री रघुनाथजी री सा।

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राजपुरोहित युवा सम्मेलन व प्रतिभा सम्मान समारोह बाडमेर

राजपुरोहित युवा सम्मेलन व प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन स्थानीय महावीर टाउन हॉल में रविवार को हुआ। कार्यक्रम संयोजक जगदीशजी लंगेरा ने बताया कि समाज के युवाओं की टीम ने नवाचार व उद्देश्यों को ध्यान में रख कार्यक्रम आयोजित किया। समाज के शैक्षणिक उत्थान में युवाओं की भूमिका , राजनीतिक क्षेत्रों में युवाओं का नेतृत्व व सामाजिक भूमिका में युवाओं का सकारात्मक पक्ष विषयों पर चिंतन व मनन किया गया।
अतिथियों ने कार्यक्रम का आगाज संत श्री खेतारामजी महाराज व मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समाज के बालक- बालिकाओं ने सांस्क्रतिक प्रस्तुतियां व योग का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में संत श्री निर्मलदासजी का सान्निध्य रहा। उन्होंने कहा कि हम आध्यात्म ओर समाज सेवा से ही राष्ट्र को मजबूत कर सकते है।
वेदांताचार्य श्री ध्यानारामजी ने समाज को गुरुकुल की ओर लौटते हुए आगे बढ़ने की बात कही।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भाजपा प्रदेश प्रवक्ता जोगेन्द्रसिंहजी सिलोर ने कहा कि हमे एक श्रेष्ठ समाज के लिए बालिका शिक्षा व राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ समाज में कार्य करना चाहिए। हमारी पुरातन संस्क्रति व सभ्यता को मजबूत करते हुए आगे बढ़ना चाहिए ।
शिक्षाविद गणपतसिंह ने युवाओं को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने व कमजोर वर्ग के समाज बंन्धुओ को समाज सहयोग दे व उन्हें मजबूत बनाने का आह्वान किया।
परिवार व समाज के साथ राष्ट्र की सेवा करनी चाहिए
को ऑपरेटिव इंस्पेक्टर सविताजी राजपुरोहित ने कहा कि हम महिलाओं को हमारे संस्कारो के साथ शिक्षा ग्रहण करते हुए घर परिवार व समाज के साथ राष्ट्र की सेवा करनी चाहिए ।
देसूरी थानाधिकारी हरिसिंह निम्बला ने युवाओं को सोशल मीडिया के दुरुपयोग की जानकारी देते हुए यातायात नियमों को अपनाते हुए आगे बढ़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमारा जीवन सुरक्षित रहेगा तभी समाज के लिए हम कुछ कर सकते है ।

रामसिंहजी बोथिया , मुकनसिंहजी , नवनीतजी राजपुरोहित ,मूलसिंहजी जुडिया ने भी संबोधित किया ।
राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित नरपत सिंहजी ढोक का समाज की ओर से विशेष सम्मान किया गया। समाज के लिए भूमि दान करने वाले दानदाताओं व समाजसेवियों का बहुमान किया गया।

जोधपुर में राजपुरोहित समाज का होली स्नेह मिलन ड्रेस कोड ने दिया नारी शक्ति की एकता का संदेश

अखिल भारतीय राजपुरोहित नारी शक्ति संगठन और राजपुरोहित महिला महासभा की ओर से जोधपुर में फाग उत्सव का आयोजन हुआ। 
इसमें जोधपुर समेत आसपास के जिलों से महिलाएं शामिल हुईं। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न एक्टिविटी आयोजित हुई। कार्यक्रम में फाग गीतों पर महिलाओं ने नृत्य किया
जोधपुर समेत 10 जिलों की महिलाओं ने भाग लिया
कार्यक्रम संयोजक अमृताजी राजपुरोहित ने बताया- नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इससे समाज की महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच भी मिला। इसे लेकर पिछले 1 महीने से तैयारी की जा रही थी। कार्यक्रम में जोधपुर, पाली, बाड़मेर, जालोर, सिरोही, बीकानेर, नागौर, अजमेर, फलोदी सहित विभिन्न जिलों से महिलाओं ने हिस्सा लिया है।

इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में महिलाओं के लिए प्रतियोगिताएं रखी गई थी। इसमें समाज की महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। खास बात यह रही कि इसके लिए एक ड्रेस कोड भी निर्धारित किया गया। पहली बार समाज की ओर से हुए इस कार्यक्रम में एक साथ 300 से अधिक महिलाओं ने फाग गीतों पर नृत्य किया।
पार्षद इंदिराजी राजपुरोहित सहित कई महिला जनप्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
इस अवसर पर अमृताजी राजपुरोहित, गीताजी राजपुरोहित, संजनाजी राजपुरोहित, मंजूजी राजपुरोहित सहित पर्वत सिंहजी राजपुरोहित, विक्रम सिंहजी, डॉ रणजीत सिंहजी राजपुरोहित पुखराज सिंहजी, सोहन सिंहजी सहित समाज के कई लोगों उपस्थित रहे।

राजपुरोहित समाज सिनेर द्वारा निम्न प्रकार के फैसले सर्व सहमति से लिए गए

आज दिनांक 9/3/2024 शनीवार को महाशिवरात्री के जागरण सभा पर राजपुरोहित समाज सिनेर द्वारा निम्न प्रकार के फैसले सर्व सहमति से लिए गए 
शादी समारोह में हल्दी रसम डीजे पार्टी पूर्ण रूप से प्रतिबंध करने का फैसला किया गया ।
 
उल्धन करने पर रु. 11000/- ग्यारह हजार रूपये दण्ड का प्रवधान किया गया।

शादी समारोह में, अफिम सुबह 10 बजे तक खास घर के मेहमानो हेतू रहेगा। जाजम से किसी बन्धाणी को हाथ खीचकर नही ले जायेगा । 10 बजे के बाद ऐसा करते हैं।

दण्ड रु. 11000/ भरना पड़ेगा ।

4 बार राष्ट्रपति वीरता सम्मान से सम्मानित राजपुरोहित का सम्मान

बाड़मेर शहर के महावीर टाउन हॉल में युवाओं की ओर से 4 बार राष्ट्रपति वीरता पदक प्राप्त बाड़मेर के लाल नरपतसिंह राजपुरोहित का सम्मान किया गया। बीते दिनों राजपुरोहित का राष्ट्रपति की ओर से उनके साहस और वीरता को लेकर सम्मान किया गया था। वहीं शहीद सांवलाराम विश्नोई की विरांगना का भी सम्मान किया गया। राजपुरोहित ने युवाओं को सेना में जाने के प्रेरित करते हुए वीरताओं की कहानियां साझा की।

 नरपतसिंह ने कहा कि साल 2015 से 2022 तक झारखंड के तैनाती के दौरान सशस्त्र माओवादियों से सात बार मुठभेड़ हुई। पहली बार 2018 में उग्रवादियों से सामना हुआ तो वे मुख्य कमांडो थे। इस दौरान उन्होंने दो जनों को मार गिराया। 10 जुलाई 2020 को उन्होंने मिडल बैकअप के साथ चार बड़े उग्रवादियों को मारने में सफलता मिली। इस दौरान 5 स्वचालित हथियार भी बरामद हुए। वहीं 22 फरवरी 2022 को दो सशस्त्र माओवादियों को मार कर एक बड़े उग्रवादी नेता को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया। इस गणतंत्र 2024 में उन्हें चौथी बार वीरता पदम से सम्मानित किया गया।


प्रोग्राम का शुभारंभ भारत माता की तस्वीर के आगे दीप प्रज्वलित कर हुआ। पनी अनवर खान ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। स्वागत भाषण प्रवीणसिंह मीठड़ी ने दिया। आयोजक टीम के हाकमसिंह चारण के मुताबिक सीमांत बाड़मेर के युवाओं का सेना के प्रति सम्मान हो और युवा सेना में जाने के लिए तैयार रहे इस उद्देश्य से प्रोग्राम का आयोजन किया गया। नरपतसिंह राजपुरोहित ने नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ों को वीरता भरी कहानियों को साझा किया। सेना के बहादुरी का जिक्र करते हुए सबको सेना की कठिन स्थितियों को भी बताया। प्रोग्राम में राष्ट्रपति वीरता पदम से सम्मानित प्रदीप कुमार गुर्जर व गणेशसिंह राणा ने वीरता की कहानियों का 

जिक्र किया।

इस दौरान शहीद सांवलाराम विश्नोई की विरांगना का सम्मान किया गया। इस दौरान टाउन हॉल में बैठे सभी लोग खड़े हुए और तालियां की गड़गड़ाहट से हॉल गूंज गया। प्रोग्राम को संबोधित करते हुए बाड़मेर रावत त्रिभुवन सिंह ने युवाओं का सेना में जाने और राष्ट्रसेवा प्राथमिकता से करने की बात कही। रूपसिंह चौहटन ने नरपत सिंह की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए चौहटन शहर में एक कॉलोनी में प्लांट भेंट करने की घोषणा की।

शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि मुझे गर्व की अनुभूति होती है कि मैं ऐसे क्षेत्र का विधायक हूं जहां इसे जाबाज जन्मे है। गणपतसिंह ने शिक्षा के साथ देश सेवा करते हुए युवाओं को अपने जीवन में हमेशा समर्पण की भावना से आगे बढ़ने की बात की।


इस दौरान आजादसिंह राठौड़, जोगेंद्र सिंह, तेजदान चारण ने संबोधित किया। संचालन मांगीदान व मनीष सिधड़ ने किया। प्रोग्राम में युवराज सिंह राजपुरोहित, मदन गोयल, मुल्तानसिंह, महाबार, घेवरसिंह राजपुरोहित, गोपाल सिंह राजपुरोहित, कुपसिंह, छुगसिंह गिराब, विजयसिंह तारातरा, जगदीश लंगेरा, किशनदान, भगवानदान, हाकमदान, मोहनसिंह भंवरिया, खुमानसिंह रड़वा पीरसिंह ढोक, लक्ष्मणसिंह बालेरा, भरतसिंह मीठड़ी, गिरधदान, वासुदेव, सुमेरसिंह सहित बड़ी संख्या में सभी समाज के लोग मौजूद थे।

खेतेश्वर पैदल यात्रा संघ आसोतरा के लिए रवाना

खेतेश्वर पैदल यात्रा संघ आसोतरा के लिए रवाना

बाड़मेर | श्री खेतेश्वर एवं राजपुरोहित समाज न्याति नोहरे से मंगलवार शाम 4 बजे 23वीं खेतेश्वर पैदल यात्रा संघ को भाजपा जिलाध्यक्ष दिलीप पालीवाल, जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा, पुलिस उप अधीक्षक रमेश शर्मा, जोगराज सिंह जुड़िया, मोहन सिंह भंवरिया, ब्रह्मधाम आसोतरा कोषाध्यक्ष राम सिंह जी बोथिया, समाजसेवी रामसिंहजी भंवरिया, मूल सिंहजी जुड़िया, युवा नेता जगदीश सिंहजी लंगेरा, सहायक उपनिरीक्षक अमर सिंहजी फोगेरा, किशन सिंहजी बालेरा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह संघ सर्किट हाउस सिणधरी चौराहा होकर जयकारों के साथ निकला। इस संघ में सैकड़ों पैदल यात्रियों ने भाग लिया। यह संघ निर्धारित समय के अनुसार शाम 4 बजे खेतेश्वर एवम राजपुरोहित न्याति नोहरे से रवाना हुआ।

संघ के मीडिया प्रभारी हेमंतजी राजपुरोहित ने बताया कि संघ 8 मार्च महाशिवरात्रि के दिन ब्रह्मधाम आसोतरा पहुंचेगा। 

राम सिंहजी बोथिया ने बताया कि इस संघ की शुरूआत वर्ष 2002 की गई थी, उस समय पैदल यात्रा संघ में 19 श्रद्धालु जुड़े थे, जिनकी संख्या आज सैकड़ों हो गई है। अलग-अलग गांवों से कई संघ महाशिवरात्रि को वहां पहुंचकर ब्रह्मधाम मंदिर के दर्शन कर ब्रह्मऋषि तुलछारामजी महाराज का आशीर्वाद लेंगे।

इस मौके पर पैदल यात्रा संघ अध्यक्ष मग सिंहजी लखा, मंगलजी  लंगेरा, संपत सिंहजी भंवरिया महाबार, नखत सिंहजी फोगेरा, प्रेम सिंहजी आगोरिया, जयराम सिंहजी ईंटादा, कल्याण सिंहजी लखा, तन सिंहजी रड़वा, लाल सिंहजी बोथिया, डामर सिंहजी आगोरिया, कैलाश सिंहजी पूषड़, गुलाब सिंहजी गेहूं, श्रवण सिंहजी लखा, जसवंत सिंहजी बालेरा, खेत सिंहजी मुथर, उम्मेद सिंहजी बांदरा, प्रहलाद सिंहजी बालेरा, मुल्तान सिंहजी महाबार, दीपा रामजी सुथार समेत सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।