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देसूरी में स्वच्छता जागरूकता रैली, मुकेश सिंह राजपुरोहित ने दिया जनसेवा का संदेश

देसूरी (पाली)। गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को फॉरेस्टब्रुक इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने नगर में स्वच्छता जागरूकता रैली निकाली। मुकेश सिंह राजपुरोहित ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विद्यार्थियों ने लोगों से घर और आसपास सफाई रखने, कचरा निर्धारित स्थान पर डालने तथा स्वच्छता को रोजमर्रा की आदत बनाने का आग्रह किया।

रैली में बच्चों की भागीदारी ने संदेश को नगर के लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। स्वच्छता केवल एक दिन के अभियान का विषय नहीं है। सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के लिए स्थानीय नागरिकों की नियमित भागीदारी जरूरी होती है। बच्चों ने इसी जिम्मेदारी की ओर ध्यान दिलाया।

महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती से जुड़े विद्यालय कार्यक्रम में भाषण, निबंध लेखन और पोस्टर बनाने की गतिविधियां भी रखी गईं। विद्यार्थियों ने स्वच्छता के साथ अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी पर अपने विचार व्यक्त किए। विद्यालय के निदेशक मनीष द्विवेदी, श्रेया द्विवेदी, समन्वयक दलपत मारू और शिक्षकों ने कार्यक्रम में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

मुकेश सिंह राजपुरोहित की भागीदारी राजपुरोहित समाज के लिए भी प्रसन्नता का विषय है। बच्चों के नेतृत्व में ऐसे जनहित के कार्य समुदायों के बीच सहयोग बढ़ाते हैं। विद्यार्थियों को जब अपने नगर की समस्याओं को समझने और समाधान का संदेश देने का अवसर मिलता है, तो शिक्षा कक्षा से बाहर समाज के काम आती है। विद्यालय परिवार ने बच्चों की सहभागिता की सराहना करते हुए साफ और स्वस्थ वातावरण के लिए निरंतर प्रयास का संदेश दिया।

डिम्पल राजपुरोहित ने बैंक ऑफ अमरीका में चयन के बाद जॉइन की

फोटो- डिम्पल राजपुरोहित)

डिम्पल राजपुरोहित ने बैंक ऑफ अमरीका में चयन के बाद जॉइन की 
जोधपुर. जोधपुर जिले के खेड़ापा ग्राम की डिम्पल राजपुरोहित का बैंक ऑफ अमरीका में चयन होने के बाद जॉइन कर लिया है। पिछले दिनों कैंपस प्लेसमेन्ट के जरिए डिम्पल का बैंक ऑफ अमरीका में चयन हुआ था।
डिम्पल राजपुरोहित शुरू से ही मेघावी छात्रा रही है। दसवीं में 10 सीजीपीए हासिल किए। बारहवीं की परीक्षा जोधपुर स्थित केन्द्रीय विद्यालय नं.-1 एयरफोर्स से करने के बाद वेल्लोर इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (वीआईटी) वेल्लोर से इसी साल बीटेक (आईटी) की परीक्षा पास की। बीटेक अंतिम वर्ष में अध्ययन के दौरान ही डिम्पल का बैंक ऑफ अमरीका में चयन हो गया। डिम्पल ने एनसीसी का सी सर्टिफिकेट हासिल किया है। स्कूल एवं कॉलेज स्तर पर विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेकर कई पुरस्कार जीते है। कॉलेज में हिंदी क्लब की टेक्नीकल हैड रहते नई तकनीक से क्लब को उंचाइयों पर पहुंचाया।
डिम्पल राजपुरोहित के पिता अशोकसिंह राजपुरोहित राजस्थान पत्रिका चेन्नई में मुख्य उप संपादक के पद पर कार्यरत है। माता विमला राजपुरोहित  गृहिणी है। छोटा भाई सौरभसिंह राजपुरोहित आईआईटी मद्रास में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र है। डिम्पल राजपुरोहित की उस उपलब्धि पर कई गणमान्य लोगों, समाज एवं सामाजिक संस्थानों ने बधाई दी है।

अपनी जान जोखिम में डाल बचाई थी पैतीस मजदूरों की जिन्दगी , कोरोना को मात नहीं दे सके राजपुरोहित

वर्ष 2001 में अपनी जान जोखिम में डालकर निर्माणाधीन मैरिज पैलेस के मलबे से पैतीस मजदूरों की जिन्दगी बचाने वाले कमलसिंह राजपुरोहित कोरोना को मात नहीं दे पाए । उनका पिछले काफी दिनों से गुजरात के अस्पताल में उपचार चल रहा था । उनके असामयिक निधन से हर कोई स्तब्ध है । केन्द्रीय विद्यालय उत्तरलाई में शिक्षक के बतौर कार्यरत कमलसिंह राजपुरोहित साहसिक कार्यों के लिए सदैव तत्पर रहते थे । शैक्षणिक एवं खेलकूद गतिविधियों के साथ सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी । कुछ दिन पहले कोविड -19 से संक्रमित होने पर उनका बाड़मेर एवं गुजरात के में उपचार चला । लेकिन राजपुरोहित कोरोना को मात नहीं दे पाए । राजपुरोहित हर किसी की मदद के लिए तत्पर रहते थे उल्लेखनीय कार्य के लिए उनको जोधपुर जिला प्रशासन के अलावा रेंड एंड व्हाइट वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया वर्ष 2001 में कमलसिंह राजपुरोहित जोधपुर में सरदारपुरा स्थित राजपुरोहित छात्रावास में रहते थे । वह जयनारायण व्यास विश्व विद्यालय के ओल्ड कैम्पस में बीकॉम प्रथम वर्ष में अध्ययनरत थे सरदारपुरा इलाका पॉश इलाके रूप में पहचाना जाता है । राजपुरोहित छात्रावास के सामने स्थित बड़े भूखंड पर मैरिज पैलेस का निर्माण चल रहा था । यह काफी बड़ा चार मंजिला निर्माण कार्य था । ग्राउंड फ्लोर की छत डाली जा चुकी थी । फर्स्ट फ्लोर पर बल्लियां और लोहे के स्ट्रकचर खड़े करके छत भरी जा रही थी । उस समय करीब 125 श्रमिक काम कर रहे थे । तभी एकाएक फर्स्ट फ्लोर की छत ढह गई और छत के दबाव के कारण ग्राउंड फ्लोर की छत भी कुछ समय में टूट गई ।
इससे करीब 20-30 फीट गहरे गडढे सारे मजदूर फंस गए । छात्रावास में कमल राजपुरोहित ने छत गिरने का धमाका सुना तो भागकर बाहर देखा । घटनास्थल की परिस्थिति देखते हए त्वरित निर्णय लेते हुए वे बल्लियों को बांधने की मोटी रस्सी लेकर पास में स्थित नीम के पेड़ से होते हुए निर्माणाधीन बिल्डिंग के छज्जे पर पहुंचे । वहां से मजबूत आधार के जरिए रस्सा बांधकर नीचे लटकाया और तुरंत उसके सहारे नीचे पहुंचे । दुर्घटनास्थल पर पहुंचने में राजपुरोहित सिर्फ 7-8 मिनट लगे । जबकि तब तक आसपास के लोगों एवं काम करने वाले ठेकेदार को भी पता नहीं चल पाया कि यह क्या हो गया है । कमल ने तुरंत ही मलबे में फंसे लोगों को खींचकर बाहर निकालना शुरू किया । बाहर से मदद मिलने से पहले तक वह लगभग पैतीस मजदूरों को ऊपर का मलबा हटाकर सुरक्षित निकाल चुका था । कमल राजपुरोहित की सूझबूझ एवं हिम्मत के साथ अपनी जान जोखिम में डालकर मजदूरों को बचाने के कारण इस हादसे में कोई जन हानि नहीं हुई । कुछ गंभीर घायलों को महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया । अन्य मजदूरों को प्राथमिक उपचार दिया गया । उनके इस बहादुरी के कार्य के लिए जोधपुर जिला प्रशासन ने गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सम्मानित राजपुरोहित किया । इसके अलावा राजपुरोहित को रेड एंड व्हाइट वीरता पुरस्कार से भी सम्मानित किया । इनके सहपाठी रह चुके गौरवराजसिंह जुड़िया के मुताबिक कमल शुरूआत से सेवाभावी था । रक्तदान के साथ हरेक जरूरतमद की मदद के लिए तत्पर रहता था । उनके मुताबिक एक बार छात्रावास के आगे से एक बुजुर्ग रोते हुए देखकर कमल ने उसकी वजह पूछी तो उन्होंने बताया कि उनकी पुत्र वधु उम्मेद अस्पताल में भर्ती है । उसकी जान बचाने के लिए रक्त की जरूरत है , लेकिन मिल नहीं पा रहा है । इस पर कमल तत्काल मोटरसाइकिल लेकर अस्पताल पहुंचा और रक्तदान कर महिला की जान बचाई । गौरवराजसिंह जुड़िया के मुताबिक अपनी जान जोखिम में डालकर मजदूरों की जान बचाने के साहसिक कारनामे के बाद दूसरे दिन के अधिकतर समाचार पत्रों की सुर्खियां कमल की बहादुरी थी । कमलसिंह के आकस्मिक निधन से अपूरणीय क्षति हुई है । राजपुरोहित का सेना से था लगावः कमल सिंह के पिता खुमानसिंह राजपुरोहित एवं चाचा जोधसिंह राजपुरोहित सेना में सेवा देने के बाद कुछ वर्ष पहले सेवानिवृत हुए थे । इनके पिता सेना में कैप्टन थे । इनके परिवार के सैन्य सेवा से जुड़े होने के कारण कमलसिंह का सेना से खासा लगाव रहा । हर कोई रह गया स्तब्धः पिछले कुछ दिनों से कमलसिंह के कोविड संक्रमित होने के बाद उनके स्वस्थ होने की दुआएं की जा रही थी । हर कोई यह प्रार्थना कर रहा था कि वे जल्दी कोरोना को मात देकर घर लौट आए । लेकिन शुक्रवार को आई दुखदाई खबर से हर कोई स्तब्ध रह गया कमलसिंह हर किसी से मिलनसार होने साथ हर किसी की मदद के लिए तत्पर रहते थे । ऐसे में उनका एकाएक चले जाना , हर किसी को आहत कर गया ।

प्रधुम्नविमलजी

राजस्थान के जालौर जिले #भीनमाल तहसील के छोटे से #जेतु गांव के रुदुआ गौत्र के #पुरोहित परिवार के #उकचंदजी को यह आभास ही नहीं था की उनका होने वाला चौथा पुत्र भी अपने भाई ( शान्तिविमल सूरीश्वरजी ) की तरह सयम मार्ग को अपनाकर जेतु गांव का और जिनशासन मे अपना नाम रौशन करेगा लेकिन होनी को मंजूर होता है वही होता है ।। 
9 दिसंबर 1964 विक्रम संवत 2020 अश्वनी सूद 9 को माँ वादली  बाई की कोख से बालक प्रभुलाल आपका जन्म हुआ था 
पिता उकचंदजी और माँ वादली बाई पुत्र प्रभुलाल को अपने भाई ( शान्तिविमल सूरीश्वरजी ) के पास लेके जाते थे जो पहले ही जैन धर्म दीक्षा अंगीकार कर सुके थे ।। 
बालक प्रभुलाल ने मात्र 8 वर्ष की छोटी आयु मे ही आचार्य महाराज के पास रहना स्वीकार किया और उसके 3 वर्ष पच्छात 11 वर्ष की आयु मे विक्रम संवत 2031 मगसर सुदी 4 को पालीताना श्री शत्रुंजय महातीर्थ मे दीक्षा संपन्न हुई शांतिविमल सूरीश्वरजी ने दीक्षा दी  आपका नाम प्रभुलाल से प्रधुम्नविमलजी म सा हुआ जो बाद मे जाके देश विदेश मे भाई महाराज के नाम से पहचाने जाने लगे।। 
अपने गुरु शान्तिविमल सुरीजी के सनिध्य मे आपने हिंदी मारवाड़ी गुजराती संस्कृत पाकृत आदी विभिन्न भाषाओ का ज्ञान प्राप्त किया ज्योतिष शास्त्र का भी गहरा अध्यन किया आपके गुरुदेव ने आपको मंत्र साधना और ज्योतिष शास्त्र का विशेष ज्ञान दिया  आपने विद्वावान मुनि जम्बूविजय जी के सानिध्य मे शंखेश्वर पाटन दसाणा माण्डल आदी विभिन्न स्थानों पे जैन धर्म के सिद्धांतो आगमो और शास्त्र का गहराई से अध्यन किया 
25 मई 1983 वैशाख सुदी 11 को आपके गुरु शान्तिविमल सूरीश्वरजी का देवलोक गमन होने के कारण आपको छोटी सी उम्र मे विमल गच्छ का गच्छाधिपति बनाया गया और 20 फ़रवरी को ( महा सुदी 13 ) को मुंबई के आजाद मैदान मे नित्योदय सागर सूरीश्वरजी की निश्रा मे आपको आचार्य पद प्रदान किया गया।। 
आचार्य प्रद्युम्नविमल सुरीजी के हस्ते 35 से अधीक साधु और साध्वी भगवंत की दीक्षा संपन्न हुई 
और 100 से ज्यादा जिनमंदिर और गुरु मंदिरो की प्रतिष्ठाए  हुई
आपके हस्ते कही अस्पताल और विद्यालय का निर्माण हुआ आपश्री ने अभी तक गुजरात राजस्थान झारखण्ड बिहार हरियाणा मध्य प्रदेश महाराष्ट्र आदी  प्रदेशो मे लगभग 1 लाख किलोमीटर  पदयात्रा कर चुके है आपके सरल स्वभाव के कारण हर कोई आपकी तरफ आंगतुक इनके प्रति आज्ञाध श्रद्धा से ओत प्रोत हो जाता है प्रभावपूर्ण व्यकितत्व कला और जैन धर्म का गहन अध्यन आपके व्यक्तिव से झलकता है 
आपने जो मगरवाडा तीर्थ जो मणिभद्र वीर का तीसरा मूल स्थान है उसका जो निर्माण और तीर्थ के विकास के लिये जो आपने काम किया है वो अपने आप मे अविश्वनीय और अदभुत है और गिरनार तीर्थ और महातीर्थ पालीताणा  के लिये जो काम कर रहे है वो वंदनीय है 
आपकी निश्रा मे 2022 रत्नागिरी मिनी पालीताणा तीर्थ बनकोड़ा डूंगरपुर के समीप का निर्माण होने जा रहा है आपने शासन के लिये ऐसे कही  कार्य किये है  वो अपने आप मे अदभुत है 
आपश्री ने कही ऐतिहासिक चातुर्मास किये है जिसमे गिरनार पालीताणा और नाकोड़ा का नाम आता है 
आपकी सबसे बड़ी विशेषता यह है की जैन समाज के साथ साथ सम्पूर्ण सनातन और हिन्दू समाज के भी हजारो भक्तो के आगाध श्रद्धा के केंद्र है 
आपश्री का 2020 का चातुर्मास मगरवाडा जैन तीर्थ पालनपुर के समीप सम्पन्न हुआ

शांता बेन शंकरलाल पुरोहित परिवार ने 1.75 करोड़ की लागत से बनवाया विद्यालय का नया भवन किया विभाग को सुपूर्द

रेवदर / अनादरा । वो कहते ने की अगर कोई भी इंसान अपने कर्म करने के लिए के दान पुण्य करना चाहे तो ये जरुरी नहीं है कि गोशाला में गायों को गुड खिलाकर या चारा डालकर किया जावे या फिर भोजन खिलाकर लेकिन अगर कोई इससे बेहत्तर भी दान पूण्य करना चाहे तो शिक्षा के क्षेत्र में जहा पर गांवो में शिक्षा पिछड़ी जा रही है वहा पर शिक्षा को बढ़ावा दिलवाये ऐसा ही नजारा हमे कस्बे समीप पोसिंतरा में देखने को मिला जहा पर शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षा को विद्यार्थियों को एक नई मिशाल और उड़ान बनाने केलिए भामाशाह आगे आये और गांव में लम्बा सा एक विशाल राजकीय विद्यालय का निर्माण कर विभाग को सुपुर्द किया ताकि उसमे निःशुल्क बच्चों व गरीब बच्चों को भी उच्च शिक्षा मिल सके ।5 बीघा भूमि में 1.75 करोड़ की लागत तैयार हुआ विद्यालय । कस्बे के समीप पोसिंतरा में भामाशाह शांताबेन शंकरलाल पुरोहित परिवार करीब 1.75 करोडको लागतसे पोसीतरा में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भवन का निर्माणकरवाया भामाशाह नटवर राजपुरोहित ने बताया कि उनकी माता की इच्छा थी कि वह गांव में विद्यालय नहीं होने से पढ़ नहीं सकी । नटवर राजपुरोहित ने पोसीतरा गाव में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भवन का निर्माण करवा कर उनकी माता की इच्छा को पूरी किया । नटवर राजपुरोहित ने बताया कि उनकी माताजी की इच्छानुसार गा मव में कोई भी बेटी पढाई से वंचित न रह सके इस केलिए उन्होंने करीब 1.75 करोड़ की लागत से विद्यालय भवन का निर्माण करवाया । 5 बीघा भूमि में फैला हुआ है विद्यालय : पोसिंतरा गांव में भामाशाह की ओर से जिस राजकीय विद्यालय का निर्माण करवाया गया है वो विद्यालय सम्पूर्ण सुविधाओं से परिपूर्ण है । उस विद्यालय भवन में हॉल समेत 13 कमरों के साथ छात्र - छात्राओं की सुविधा केलिए टॉयलेट बाथरूम भी बनवाए गए है । यह नया भवन पांच बीघा भूमि में बनवाया गया है तथा पांच बीघा भूमि खेल मैदान के लिए भी रखी गई है । स्कूल व खेल मैदान के लिए ग्राम पंचायत भूमि आवंटित की है । स्कूल भवन की सुरक्षा के लिए चारों तरफचार दीवारी , स्कूल के आगे स्टेज भी बनवाया गया है जहां पर प्रार्थना सभा समेत अन्य शैक्षिक सहशैक्षिक गतिविधियां भी आयोजित की जा सकेगी । स्कूल में आने के लिए प्रवेश द्वार समेत इसके दोनों ओर एक एक छोटे छाटे गेट भी बनावाए गए है । पोसौतरा के ग्रामवासियों व विद्यालय परिवार की ओर भामाशाह परिवार नटवर राजपुरोहित , विजय राजपुरोहित , अजयराज पुरोहित , डॉ महेश राजपुरोहित , उदय राजपुरोहित , भरत राजपुरोहित का आभार प्रकट किया । शांताबेन शंकरलाल पुरोहित के प्रतिनिधि झालाराम पुरोहित मंगलवार को तहसीलदार जितेन्द्रसिंह , प्रधानाचार्य रामावि पोसीतरा संतोष बेसवाल को विद्यालय भवन सुपुर्द किया । झालाराम पुरोहित ने बताया कि आज से रामावि पोसोतरा शांतावेन शंकरलाल पुरोहित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पोसीतराके नामसे जाना जाएगा । अवसर परजीवन पुरोहित वाण अध्यापक नैनाराम चौधरी , मुकेश गर्ग , जसवन्तसिंह देवडा समेंत कई | लोग उपस्थित थे ।

डॉ - दिनेशकुमार राजपुरोहित बने , स्वर्ण महासंघ फाउण्डेशन के अमेरिका महाद्वीप के संयोजक

 जालोर जिले के बागरा निवासी एवम उतरी अमेरिका विश्वविद्यालय के अन्तराष्ट्रीय प्रतिनिधिएवम निर्देशक डॉ दिनेशकुमार राजपुरोहित को स्वर्ण महासंघ फाउण्डेशन का अमेरिका महाद्वीप का संयोजक मनोनित किया स्वर्ण महासंघ फाउण्डेशन के पदाधिकारियो एवम कार्यकर्ताओ ने कोन विकास खंडके लखनपुर मवैया शास्त्रीसदनस्थित कार्यालय पर आशीष दुबे कि अध्यक्षता में हुई बैठक मे स्वर्ण महासंघ फाउण्डेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गजेंद्रमणि त्रिपाठी व संरक्षक दण्डी स्वामी श्री देवानंद सरस्वती महाराज , राष्ट्रीय संयोजक ठाकुर ओमप्रकाशसिह के प्रति आभार प्रकट किया । प्रदेश अध्यक्ष पंडित साधु तिवारी ने बताया कि डॉ दिनेशकुमार देश मे न सिर्फ स्वर्ण महासंघ राजपुरोहित के मनोनित होने कारण फाउण्डेशन मजबूत होगा बल्कि देश के लिए एक विकास बेहतर उम्मीद जगेगी उन्होंने बताया कि डॉदिनेशकुमार राजपुरोहित एक सफल व्यवसायी शिक्षाविद , संयोजक एवम परोपकारी व्यक्ति है वह ऑल स्टार ऐजुकेशन है । जो अमेरिका के कई मान्यता प्राप्त इंक ) के संस्थापक एवम निर्देशक विश्वविधालयो के साझेदार है उन्होंने अमेरिका कि कई संस्थाओं के बीच बताया कि भारत और संयुक्त राज्य सेतु का कार्य कर रहे है वे विप्र फाउण्डेशन के अन्तराष्ट्रीय ईकाई अमेरिका के भी संयोजक है ।

डॉ दिनेश पुरोहित जी बने सवर्ण महासंघ फाउंडेशन के अमेरिकन महाद्वीप के संयोजक

डॉ दिनेश पुरोहित जी बने सवर्ण महासंघ फाउंडेशन के अमेरिकन महाद्वीप के संयोजक                सवर्ण महासंघ फाउंडेशन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पँडित साधू तिवारी व प्रदेश कमेटी में खुशी की लहर दौड़ गयी  पँडित साधू तिवारी रास्ट्रीय अध्यक्ष गजेंद्र मणि त्रिपाठी व संरक्षक दण्डी स्वामी राम देवा नन्द सरस्वती महराज व रास्ट्रीय संयोजक ठाकुर ओम को डॉ दिनेश पुरोहित के मनोनयन पर ओम प्रकाश सिंह को आभार प्रकट किया।आज लखनऊ स्थिति  प्रांतीय कार्यालय में राष्ट्रीय संयोजक ठाकुर ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि डॉदिनेश पुरोहित एक व्यवसायी, शिक्षाविद, संयोजक और एक परोपकारी व्यक्ति हैं।  वह ऑल स्टार ईडीयू इंक के संस्थापक निदेशक हैं, जो छात्रों और कई मान्यता प्राप्त अमेरिकी विश्वविद्यालयों  में पार्ट्नर हे। और भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के संस्थानों के बीच एक सेतु के अंतर को कम करते हैं।  KITComPro इंक के सीईओ, (आईटी समाधान प्रदाता और एक प्लेसमेंट एजेंसी)।  जॉब प्लेसमेंट के लिए अमेरिका में आईटी स्नातकों की मदद करती  हे।ह्यूस्टन स्थित लोकप्रिय रेस्तरां चौपाटी चैट के मालिक रह चुके हे। लाइका मोबाइल के पूर्व उपाध्यक्ष, और ब्लैक वायरलेस प्रीपेड सेलुलर सेवा प्रदाता, समुदाय-उन्मुख एनजीओ, इंडिया हाउस के एक परिषद सदस्य और  केआईटी कम्युनिकेशंस के सीईओ, सेल फोन के लिए एटी एंड टी नीलामी के लिए एक प्रमुख ग्राहक जिसमें आईफोन, सैमसंग डिवाइस शामिल हैं और दुनिया भर में तीन महाद्वीपों को उच्च गुणवत्ता वाले माल का निर्यात करते हैं।  उनके कामों को द हिंदू, ट्रिब्यून इंडिया, बिजनेस स्टैंडर्ड, टाइम्स ऑफ इंडिया, वॉयस ऑफ एशिया, इंडो अमेरिकन समाचार और कई मीडिया प्रकाशनों के कई बार उजागर किया गया है, विशेष रूप से 2017 में तूफान हार्वे के पीड़ितों को भोजन सहायता प्रदान करने के लिए 30,000 से अधिक लोंगो को मुफ़्त खाना खिला चुके हे।और कई क्षेत्र में ब्राह्मण समुदाय के लिए उनके योगदान के लिए उनके समाचार प्रकाशित हो चुके हे।  उन्हें हाल ही में नेशनल वर्चुअल यूनिवर्सिटी फॉर पीस एंड एजुकेशन द्वारा सामाजिक सेवाओं और उच्च शिक्षा में मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया गया था।  वह दूरसंचार उद्योग में 14 साल के कार्य अनुभव का भी दावा करते हैं, विशेष रूप से अमेरिका में वैश्विक दूरसंचार सेवा प्रदाता लाइका मोबाइल लाने और भारत में सिम कार्ड के लिए सीडीएमए (कोड डिवीजन मल्टीपल एक्सेस) तकनीक शुरू करने के लिए, एमटीएस के साथ स्वदेश मोबाइल जेवी।
 दूरसंचार सेवा प्रदाता
 कई अमेरिका के विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी
 आईटी समाधान प्रदाता और प्लेसमेंट एजेंसी
 
 दूरसंचार उद्योग में अनुभव के अपने धन के अलावा, पुरोहित एक समर्पित शिक्षाविद् हैं, जो अमेरिका में अध्ययन करने के इच्छुक छात्रों के लिए सस्ती शिक्षा तक पहुंच प्रदान करते हैं।  ऑल स्टार ईडीयू के संस्थापक और निदेशक के रूप में, वे भारत में और अमेरिका में छात्रों और विश्वविद्यालयों के बीच की खाई को मिटाते हैं, अमेरिका में बहु-मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों के साथ छात्रों के पुनर्वास और साझेदारी की पेशकश करते हैं।  वह ह्यूस्टन स्थित उत्तर अमेरिकन इंटर्कोंटिनेंटल विश्वविद्यालय के लिए एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी हे। विशेष रूप से व्यापार और सूचना प्रौद्योगिकी में कार्यक्रमों की डूअल डिग्री की पेशकश करते हुए।  उनके पास भारत में विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू हैं, जैसे चेन्नई में भारत विश्वविद्यालय के साथ दोहरी डिग्री कार्यक्रम, सूरत में पीपी सवानी विश्वविद्यालय, आंध्र प्रदेश में एसआरकेआर इंजीनियरिंग कॉलेज और गुजरात विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी।  इसके अलावा, वह वर्जीनिया आधारित स्ट्रैटफ़ोर्ड विश्वविद्यालय में एक रणनीतिक भागीदार है। डॉ पुरोहित से सन्गठन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलेगा वरिष्ठ महासचिव सुनील श्रीवास्तव महासचिव अंजनी सिंह महासचिव प्रमोद अवस्थी महासचीव सिमा सिंघा उपाध्यक्ष शिवधारी उपाध्याय सचिव कल्पना मिश्रा उपाध्यक्ष शैलेन्द्र पाठक उपाध्यक्ष आकाश श्रीवास्तव सलाहकार अरविंद मिश्रा सलाहकार राजेश पाण्डे शिखा त्रिपाठी सलाहकार डॉ चन्द्रप्रभा मिश्रा सन्तोष त्रिवेदी  रास्ट्रीय सलाहकार ललित मोहन राणा सलाहकार नरेंद्र शर्मा रास्ट्रीय सलाहकार डॉ तोषेन्दर द्विवेदी

खून से ज्ञापन लिख छात्रसंघ अध्यक्ष अमर राजपुरोहित ने दी आंदोलन की चेतावनी*

*खून से ज्ञापन लिख छात्रसंघ अध्यक्ष अमर राजपुरोहित ने दी आंदोलन की चेतावनी*
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आज पल्लू SFI ब्लॉक कमेटी पल्लू ने छात्रसंघ अध्यक्ष अमर राजपुरोहित के नेतृत्व में खून से ज्ञापन लिखकर नायब तहसीलदार जी को मुख्यमंत्री जी के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन किया ! छात्रसंघ अध्यक्ष अमर राजपुरोहित ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते पूरा देश भय के माहौल में है तथा हर दिन 15-16 हजार कोरोना के पॉजिटिव केस आ रहे है! ऐसे में राजस्थान सरकार  ने महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर सहित अनेक विश्वविद्यालयों ने अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा सारणी जारी कर दी है तथा परीक्षा करवाने पर अड़े है सरकार विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है ऐसे में पूरे प्रदेश के तमाम छात्र संगठन मांग कर रहे है कि प्रत्येक विश्वविद्यालय के हर कक्षा के विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट करें तथा इंटीग्रेटेड कॉर्स के विद्यार्थियों को एडमिशन के लिए 28 से 33 हजार तक फीस मांगी जा रही है उसमें राहत प्रदान की जाए क्योंकि कोरोना महामारी के कारण पिछले 4 महीने से आय के तमाम साधन बंद है जिस कारण किसान मजदूर के बेटे फीस भरने में असमर्थ है इसलिए उनकी फीस में राहत प्रदान करें !
तथा SFI जिला उपाध्यक्ष केशव पंचारिया ने कहा कि अगर अगले 5 दिन तक हमारी मांग नही मानी गई तो हम 5 दिवसीय धरने पर बैठेंगे यदि फिर भी सरकार नही मानती है तो पूरे प्रदेश में SFI उग्र आंदोलन करेगी जिसकी जवाबदेही पूर्ण रूप से प्रशासन की होगी !
ज्ञापन के दौरान छात्रनेताओ में कॉ.रवि शर्मा,प्रह्लाद सिंह भाटी, संदीप जाखड़, पवन सिंह,सुरेंद्र सिंह, अजयसिंह,जयवीर,दिनेश,चंदरसिंह,मुकेश गोस्वामी,दीपेंद्र सौरभ सहित अनेक छात्र उपस्थित रहे !!

जोधपुर के सत्येंद्र सिंह राजपुरोहित ने उठाया मनरेगा श्रमिकों को कोरोना वायरस से जागरूक करने का बीड़ा

जोधपुर। कोरोना वायरस का संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत में कोविड-19 के पॉजिटिव केस चार लाख 90 हजार तक पहुंच गए हैं। राजस्थान में कोरोना मरीजों की संख्या 16 हजार 387 हो गई है। कोरोना महामारी को लेकर सरकार, सामाजिक संस्थाएं और लोग अपने हिसाब से लोगों में कोरोना वायरस को लेकर जागरूकता फैला रहे हैं। ऐसी ही मुहिम राजस्थान के जोधपुर के युवा सत्येंद्र सिंह राजपुरोहित ने शुरू कर रखी है।
पांच हजार पम्पलेट छपवाए

सत्येंद्र सिंह राजपुरोहित ने बताया कि कोरोना संकट काल में शहरी क्षेत्रों में अधिकांश लोग चेहरे पर मास्क लगाए और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नजर आते हैं, मगर ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी जागरूकता का अभाव है। खासकर मनरेगा में काम करने वाली महिलाएं पेड़ की छांव के नीचे एक साथ झुंड बनाकर बैठी देखी जा सकती है। ये महिला मजूदर मास्क का इस्तेमाल भी नहीं करती हैं। ऐसे में राजपुरोहित ने जागरूकता फैलाने के लिए 5000 पम्पलेट छपवाने के साथ-साथ मनरेगा कार्यों स्थलों पर जाकर भी मजदूरों को कोरोना से बचने के तरीके और सावधाानियों के बारे में बता रहे हैं।


छांव का पुख्ता इंतजाम नहीं

राजपुरोहित बताते हैं कि मनरेगा के श्रमिक काम करते हैं। वहां सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं होने की सबसे बड़ी वजह यह है कि कार्यस्थल पर छांव के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। पेड़ों की संख्या कम होने के चलते वे एक ही पेड़ के नीचे बड़ी संख्या में एक साथ बैठी नजर आती हैं।


पत्र लिखकर की टेंट की मांग

राजपुरोहित ने उपखंड अधिकारी ओसियाँ, विकास अधिकारी तिंवरी को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि मनरेगा श्रमिकों के लिए कार्य स्थल पर टेंट लगाया जाए ताकि वह सोशल डिस्टेंसिंग की पालन हो सके। बता दें कि राजपुरोहित वर्तमान में जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय से पत्रकारिता विषय में एम ए कर रहे हैं।

बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र पुष्पेन्द्र राजपुरोहित का आईडिया रोकेगा कोरोना का प्रसार

Bikaner News: बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज (Engineering College Bikaner) के छात्र पुष्पेन्द्र राजपुरोहित (Pushpendra Rajpurohit) का चयन अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (All India Council for Technical Education) द्वारा विश्वव्यापी कोरोना महामारी से उत्पन्न समस्याओं से लड़ने के लिए संचालित प्रतियोगिता ‘समाधान’ (Mega Online Challenge-SAMADHAN COVID-19) में हुवा है.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय (Ministry of Human Resource Development) एवं अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्रतियोगिता ‘समाधान’ में 14 अप्रैल तक आईडिया मांगे गए थे । 18 अप्रैल को परिणामों की घोषणा मानव संसाधन विकास मंत्रालय की इन्नोवेशन सेल की वेबसाइट पर की गई।

अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर के इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल विभाग के पूर्व छात्र पुष्पेंद्र राजपुरोहित ने बताया कि आयोजकों द्वारा अगले चरण के लिए आईडिया का वीडियो आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपलोड कर दिया गया है जिस पर 22 अप्रैल की शाम 5 बजे तक वोटिंग होगी, अपना वोट देने के लिए लिंक में दिए गए वीडियो को लाइक करें।

ईसीबी प्राचार्य जयप्रकाश भामू ने बताया की पुष्पेंद्र राजपुरोहित का आईडिया कोरोना महामारी का समुदाय के स्तर पर संक्रमण को फैलने से रोकने का एक प्रभावी उपाय है। जिसके परीक्षण के उपरांत सफल होने पर एक काम लागत की डिवाइस बनाकर हॉस्पिटल, क्वारंटाइन सेंटर एवं सार्वजनिक स्थानों पर इंस्टालेशन किया जाएगा। यह डिवाइस विशेष अनुनादी तरंगों द्वारा वातावरण में मौजूद कोरोना वायरस का बाहरी कवच कुछ ही क्षणों में तोड़ देगा जिस से वायरस संक्रमण फैलाने में अक्षम हो जाएगा।

ईसीबी प्राचार्य जयप्रकाश भामू ने इस अवसर पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए बताया की ईसीबी तथा सम्पूर्ण बीकानेर के लिए यह गौरव व हर्ष का विषय है l इस वर्ष ईसीबी के 52 विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तरीय परीक्षा GATE में चयनित हो चुकें हैं l उन्होंने इसे महाविद्यालय के शिक्षकों की की सम्पूर्ण लगनता तथा व्यावहारिक शिक्षा का परिणाम बताया l


ईसीबी प्राचार्य जयप्रकाश भामू ने इस अवसर पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए बताया की ईसीबी तथा सम्पूर्ण बीकानेर के लिए यह गौरव व हर्ष का विषय है l इस वर्ष ईसीबी के 52 विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तरीय परीक्षा GATE में चयनित हो चुकें हैं l उन्होंने इसे महाविद्यालय के शिक्षकों की की सम्पूर्ण लगनता तथा व्यावहारिक शिक्षा का परिणाम बताया


श्रीखेतेश्वर पैदल यात्रा संघ सैकड़ों जरुरतमंदों को सोश्यल डिस्टेंस के साथ भोजन कराकर मनाएंगे जन्म कल्याणक महोत्सव

राजपुरोहित समाज के आराध्य गुरुदेव ब्रह्मलीन संत खेतेश्वर महाराज का 108वां जन्म कल्याणक महोत्सव बुधवार को मनाया जाएगा। महोत्सव का आयोजन श्रीखेतेश्वर पैदल यात्रा संघ, सूरत संचालित राजपुरोहित युवा फाउंडेशन की ओर से परवत पाटिया में मगोब प्राथमिक विद्यालय में संचालित श्रीखेतेश्वर सेवा केंद्र में किया जाएगा। संघ के महेंद्रसिंह राजपुरोहित ने बताया कि संत खेतेश्वर महाराज के 108वें जन्म कल्याणक महोत्सव के मौके पर लॉकडाउन के दौरान बुधवार को श्रीखेतेश्वर सेवा केंद्र पर सैकड़ों जरुरतमंदों को सोश्यल डिस्टेंस के साथ भोजन परोसा जाएगा। सेवाकेंद्र पर 27 मार्च से जरुरतमंदों के लिए दोनों समय भोजन की व्यवस्था की जा रही है।

आदरणीय प्रोफेसर लालसिंह जी राजपुरोहित (विभागाध्यक्ष - जंतु विज्ञान विभाग जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर) आज अपनी गौरवमयी विश्वविद्यालय सेवा से सेवानिरवृत हो रहे हैं

आदरणीय प्रोफेसर लालसिंह जी राजपुरोहित (विभागाध्यक्ष - जंतु विज्ञान विभाग जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर) आज अपनी गौरवमयी विश्वविद्यालय सेवा से सेवानिरवृत हो रहे हैं
प्रो. लालसिंह जी का जन्म 1960 जोधपुर जिले के ओसियां में हुआ, आपने 1980 में जोधपुर विवि से बीएससी के उपरांत 1983 में जीवविज्ञान में एमएससी एवं 1987 में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
आपके उत्कृष्ट शोध कार्य के आधार पर 1988 में जर्मन फ़ेलोशिप (DAAD) प्राप्त हुई, जिसके तहत उन्होंने पश्चिमी जर्मनी में रहते हुए शोध में नए आयाम स्थापित किये, 1990 में आपके शोधकार्यों से प्रभावित होकर जापान के क्वांटो विश्विद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया
1991 में आप जोधपुर विश्वविद्यालय (जय नारायण व्यास विवि जोधपुर) में सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्त हुए।  1993-94 में मेरी क्यूरी अवार्ड फ़ेलोशिप के तहत पुनः यूरोप शोध कार्य के लिए जर्मनी गए, इस दौरान आपने यूरोप के विभिन्न देशों एवं विश्विद्यालयों में शोध व्याख्यान दिए, 1996 में पुनः जापान में अतिथि वक्ता के रूप में पधारे
1997 में देश की अग्रणी राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (NASI) ने आपको जीवन पर्यंत फेलो के रूप में नामित किया, NASI देश भर के वैज्ञानिकों का अग्रणी समूह है, जिसमें आपका नाम देश और समाज के लिए निश्चित ही गौरवपूर्ण है
2005 में भारतीय पर्यावरण विज्ञान अकादमी ने भी आपको फेलो के रूप में नामित किया
डॉ राजपुरोहित के लगभग 300 शोधपत्र विभिन्न राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित है, आपके निर्देशन में 20 विद्यार्थी शोध पूर्ण कर चुके हैं एवं 5 वर्तमान में कर रहे हैं
विवि के सेवाकाल के दौरान आपने विभिन्न गुरुत्तर दायितव्यों का निर्वहन किया, आप विवि के छात्रावास अधीक्षक रहे, विवि की सिंडिकेट में सदस्य रहे, तथा स्काउट एवं रोवर के विश्वविध्यालय के ग्रुप लीडर रहे, 2007 में लंदन में आयोज्य विश्व स्काउट एवं रोवर जम्बूरी में विशेष सदस्य के रूप में आमंत्रित रहे
इसके अलावा आप विभिन्न राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों से जुड़ें रहें हैं, आपने श्री खेतेश्वर विद्यापीठ बड़ली में एवं राजपुरोहोत छात्रावास विकास समिति जोधपुर में भी सदस्य के रूप में सेवाएं प्रदान की हैं
वर्तमान में आप विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान जोधपुर प्रान्त के अध्यक्ष हैं, तथा राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सदस्य हैं, आपकी गौरवमयी सेवा एवं शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उप्लब्धियो पर समाज गौरव का अनुभव कर रहा है,
आपकी सेवनिरवृति के अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं

सादर
डॉ. ओम प्रकाश राजपुरोहित 
भटनोखा
सहायक प्रोफ़ेसर
जय नारायण व्यास विवि जोधपुर

,नक्सलियों के मौत का दूसरा नाम हैं नरपतसिंह राजपुरोहित आज राष्ट्रपति पुलिस पदक से होंगे सम्मानित

बाड़मेर। नक्सलियों के मौत का दूसरा नाम हैं नरपतसिंह राजपुरोहित। इन्हें देखते ही नक्स​लवादियों की रूह कांप उठती है। राजस्थान के बाड़मेर जिले के ढोक निवासी नरपत सिंह राजपुरोहित सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के डिप्टी कमांडेंट हैं। इन्हें 26 जनवरी 2020 को नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में अदम्य साहस एवं पराक्रम के लिए राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा।
अपनी बटालियन के हीरो हैं नरपत सिंह राजुरोहित
बाड़मेर के बहादुर बेटे नरपतसिंह राजपुरोहित को राष्ट्रपति पुलिस पदक के साथ छह लाख रुपए नकद, इंदिरा गांधी नहर के द्वितीय चरण में 25 बीघा भूमि अथवा जमीन के एवज में चार लाख रुपए भी प्रदान किए जाएंगे। बाड़मेर के गांव ढोक निवासी नरपत सिंह राजपुरोहित अपनी बटालियन के हीरो माने जाते हैं। वर्तमान ये झारखंड के नक्सलवाद से प्रभावित इलाकों में तैनात हैं कुछ समय पहले इन्होंने अपनी जान को जोखिम में डालकर आठ नक्सलियों को सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया था। झारखंड एवं ओडिशा के नक्सलवाद से प्रभावित इलाकों में नरपत सिंह के ख़ौफ़ से माओवादी समर्पण कर रहे हैं या फिर वे इलाका ही छोड़ रहे हैं।
राजपुरोहित​ की टीम ने कई नक्सली मार गिराए
एसएसबी की 18वीं वाहिनी में तैनात नरपतसिंह के उच्च अधिकारी भी उनकी कार्यशैली के कायल हैं। इस बहादुर की देश सेवा के जज्बे को लेकर तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इन्हें सम्मानित किया था। नरपतसिंह हैं कि नक्सलवादियों का सबसे बड़ा हथियार गुरिल्ला युद्ध है, लेकिन एसएसबी उसका मुंहतोड़ जवाब देती है। नरपतसिंह की टीम ने न केवल कई नक्सलवादियों को मार गिराया बल्कि अब तक 8 हार्डकोर नक्सलियों को पकड़ भी चुकी है।
20 नक्सलियों को किया डटकर सामना
बता दें कि नरपत सिंह राजपुरोहित ने 28 जुलाई 2018 को दुमका में अपने 10 जवानों के साथ एक ऑपरेशन को लीड करते हुए 2007 से सक्रिय नक्सली दसनाथ देहरी और अनुज पहाड़िया को करीब घंटे तक की मुठभेड़ के बाद मार गिराया था। 20 नक्सलियों का बहादुरी से मुकाबला किया था।
2012 में ज्वाइन की एसएसबी
सेंट्रल गवर्नमेंट के द्वारा वीरता पदक मिलने के बाद तीन हजार की राशि पदक विजेता को प्रति माह के साथ रेलवे में द्वितीय श्रेणी एसी निशुल्क और सरकारी एयरलाइंस में रियायत मिलती है। गौरतलब है कि वर्ष 2012 में नरपत सिंह राजपुरोहित ने एसएसबी बतौर असिस्टेंट कमांडेंट ज्वाइन की थी। जवाहर नवोदय विद्यालय पचपदरा बाड़मेर से पढ़ाई की। डीयू खालसा कॉलेज दिल्ली से उच्च शिक्षा प्राप्त की।

नर सेवा नारायण सेवा पर बल देते कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य है- महंत

समदड़ी. सिलोर ग्राम पंचायत में सांसद अभिषेक मनु सिंघवी के कोष से निर्मित सार्वजनिक जलगृह एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में अतिरिïक्त कक्षाकक्ष व प्रयोगशाला कक्ष का लोकार्पण भारत साधु समाज के राष्ट्रीय सचिव महंत निर्मलदासजी व सरपंच रेशमाकंवर राजपुरोहित की अध्यक्षता में हुआ। महंत ने नर सेवा नारायण सेवा पर बल देते कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करते हुए कहा कि शिक्षा की विकास की कड़ी है। शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पहाड़सिंह राजपुरोहित व सुमेरसिंह कानोडिय़ा ने भी शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डाला। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर प्रेमसिंह सोंकड़ा, जोधपुर हाईकोर्ट के सहायक लोक अभियोजक श्रवणसिंह, पूर्व सरपंच शांतिदेवी, माधुसिंह राजपुरोहित, रामेश्वरदास संत, जवाराराम भील आदि ने भी विचार व्यक्त किए। एसएमसी अध्यक्ष देवीसिंह ने आभार व नागदेव गोशाला अध्यक्ष टीकमसिंह राजपुरोहित ने आभार जताया।

जीके गोवाणी महाविद्यालय में पूर्व विद्यार्थियों की बैठक आयोजित , सत्यवानसिंह राजपुरोहित अध्यक्ष मनोनीत

rajpurohiit news express
स्थानीय जीके गोवाणी राजकीय महाविद्यालय में पूर्व विद्यार्थियों की बैठक आयोजित हुई । बैठक में पूर्व विद्यार्थी संस्था के पंजीकरण के लिए कार्यकारिणी का गठन किया गया । जिसमें सत्यवानसिंह राजपुरोहित को अध्यक्ष मनोनीत किया गया । प्रोफेसर अरुण कुमार दवे बताया कि करीब 54 वर्ष पूर्व स्थापित इस महाविद्यालय में अब तक हजारों विद्यार्थी अध्ययन कर प्रशासनिक शैक्षिक व अन्य सेवाओं तथा व्यापार क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा हैं । एडवोकेट रमेश सुथार ने कहा जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण यह राजकीय उच्च शिक्षण संस्थान अपने विकास में पिछडता चला जा रहाहालांकि गत दो वर्षों भामाशाह परिवार ने महाविद्यालय के कायाकल्प का बीड़ा उठाया है । महाविद्यालय शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक स्टाफ की कमी से जूझ रहा हैं जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा हैं । अशोकसिंह ओपावत एसोसिएशन का नामकरण के गोवाणी राजकीय महाविद्यालय पूर्व विद्यार्थी संस्था करने का प्रस्ताव रखा जिसे सर्व सम्मति से स्वीकार कर लिया गया । कार्यकारिणी केतहत सत्यवानसिंह राजपुरोहित अध्यक्ष , विक्रम चौधरी को सचिव , भंवरलाल पंवार को कोषाध्यक्ष , गुलाबसिंह जोराराम विश्नोई को उपाध्यक्ष , रमेश सुथार को विधि सलाहकार , तिलोकचन्द जाट को सह सचिव व मीठालाल जांगिड़ को प्रवक्ता तथा डॉ अरूण कुमार दवे , भगवानाराम विश्नोई , श्रवणसिंह राव . सांवलसिंह राव . दिनेश कमार कार्यकारिणी सदस्य मनोनीत किया गया

माता-पिता की सेवा से बड़ा कोई नेक काम नहीं-गुरुदेव


Updated On: 
11 Oct 2019, 08:23:00 PM ISTखेतेश्वर भवन में धर्मसभा

बेंगलूरु. ब्रह्म सावित्री सिद्ध पीठाधीश्वर ब्रह्मर्षि संत श्री तुलसारामजी ने कहा कि माता पिता की सेवा से बढ़कर दुनिया में कोई नेक काम नहीं है। मानव मात्र में भाई चारा व प्रेमभाव प्रगाढ़ हो तथा हर मानव हाथ गरीब की सेवा में तत्पर उठता रहे। इसी से मानव का कल्याण होगा। वे शुक्रवार को बले पेट स्थित बेंगलूरु राजपुरोहित संघ के खेतेश्वर भवन में आयोजित धर्मसभा को सम्बोधित कर रहे थे।। वे ९ अक्टूबर को बेंगलूरु पहुंचे थे। वे अब सेलम, कड़प्पा व हैदराबाद होते हुए वापस जोधपुर जाएंगे। इस अवसर पर राजपुरोहित संघ के अनेक कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने भाग लिया।
खेतेश्वर ब्रह्मधाम तीर्थ आसोतरा के कोषाध्यक्ष रामलालजी सिया ने बताया कि संघ ब्रह्मर्षि संत तुलसारामजी की प्रेरणा से समाज सुधार की दिशा में अनेक कार्य कर रहा है। इनमें प्रति वर्ष आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों की शिक्षा पर ६० लाख रुपए बतौर छात्रवृत्ति खर्च कर रहा है। वहीं राजस्थान में समाज के बच्चों को अन्य शहरों में पढ़ाई के दौरान इधर-उधर नहीं भटकना पड़े इसके लिए छात्रावास बनवाए हैं। जयपुर में छात्रावास का निर्माण जारी है। बच्चों को संस्कार युक्त शिक्षा देने के लिए गांव-गांव में संस्कार शिविर संचालित किए जा रहे हैं।
सिया ने बताया कि ब्रह्मधाम आसोतरा जो कि राजस्थान में बाड़मेर जिले के बालोतरा क्षेत्र में वहां विद्यालय भवन भोजन शाला का निर्माण कराया गया है।
राजपुरोहित समाज के देशभर में ५० हजार से अधिक प्रतिष्ठान हैं। ऐसे में सभी प्रतिष्ठानों से प्रति वर्ष ५१सौ रुपए शिक्षा व विकास के लिए एकत्र किए जाएंगे। इससे ब्रह्मधाम में विकास के कार्य होंगे। साथ ही शिक्षा व समाज के लिए राशि का उपयोग किया जाएगा।

खंडावास की सुमनराजपुरोहित ने जिला स्तरीय प्रतियोगिता में जीता गोल्ड मेडल

rajpurohiit newsexpress/ रोहट क्षेत्र के खंडावास सीनियर विद्यालय की बेटीसुमनराजपुरोहित ने जिला स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 19 वर्ष छात्रा वर्ग में 100 मीटर बाधा दौड़ जीतकर रोहट क्षेत्रका जिले में नाम रोशन किया । सुमनराजपुरोहित द्वारा 100 मीटर बाधा दौड़ जीतने पर गोल्ड मेडल से नवाजा गया । शुक्रवार को खंडावास पहुंचने पर गोल्ड मेडल विजेता सुमन का सीनियर विद्यालय में स्वागत किया गया । साथ ही दल प्रभारी तरुण सांखला मोहनलाल व शारीरिक शिक्षक दूदाराम जाट का भी अभिनंदन किया गया । इस दौरान खंडावास सरपंच सोहनसिंह परमार , प्रधानाचार्य भूपेन्द्रसिंह खीड़िया , जगदीशराजपुरोहित , कानसिंहजोधा , ओमप्रकाश प्रजापत , सोनाराम , भैराराम देवासी , कुंदनसिंह राजपुरोहित , अनवर खां सहित स्कूल स्टाफ व बच्चे मौजूद रहे ।

जेएनवीयू: पुनर्मतगणना की मांग को लेकर प्रदर्शन

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जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय में बुधवार को छात्र संघ चुनाव में उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे एबीवीपी के ओम सिंह राजपुरोहित ने अपने समर्थकों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने कुलपति से उपाध्यक्ष पद की पुनर्मतगणना की मांग की। कार्यवाहक कुलपति डॉ विष्णु शर्मा ने मामला विश्वविद्यालय के मुख्य चुनाव अधिकारी और ग्रीवेंस कमेटी को भेजा है।


ओम सिंह राजपुरोहित ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ बुधवार दोपहर 12 बजे विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। कुछ समय बाद कुलपति डॉ शर्मा पहुंच गए, उन्होंने छात्रों को बातचीत के लिए अंदर बुलाया। राजपुरोहित ने कुलपति से कहा कि उन्होंने मतगणना समाप्ति के अगले दिन 29 अगस्त को ही अपनी शिकायत विश्वविद्यालय के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ रवि सक्सेना को दे दी थी लेकिन एक सप्ताह बाद भी ग्रीवेंस कमेटी की बैठक आयोजित नहीं की गई जबकि नियमानुसार 24 घंटे के भीतर कमेटी की बैठक का प्रावधान है।
गौरतलब है कि उपाध्यक्ष पद की मतगणना 28 अगस्त को रात 1 बजे तक चली थी। इसमें दोनों प्रत्याशियों के असंतुष्ट होने के बाद रिकाउंटिंग की गई थी। रिकाउंटिंग के बाद एनएसयूआई की सुशीला मेघवाल को 25 वोट से विजय घोषित किया गया था। राजपुरोहित का कहना है कि उसके कई वैध वोट खारिज कर दिए गए थे।



ओम सिंह के साथ हुए अन्याय के विरोध में दिनांक 04-09- 2019 को सुबह 11:00 बजे विश्वविद्यालय की ग्रीवेंस कमेटी में पुनः मतगणना को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन

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जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में गत दिनों हुए छात्र संघ चुनाव में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद प्रत्याशी भाई ओम सिंह राजपुरोहित को तीन बार लगातार विजय घोषित कर अंतिम में चतुर्थ मतगणना मैं ओम सिंह को प्रशासन द्वारा 25 मतों से हरा दिया जाता है इस प्रकार भाई ओम सिंह के साथ हुए अन्याय के विरोध में दिनांक 04-09- 2019 को सुबह 11:00 बजे विश्वविद्यालय की ग्रीवेंस कमेटी में पुनः मतगणना को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा
सभी छात्र-छात्राओं से विनम्र अपील है कि आप इस न्याय की लड़ाई में हमारा साथ दें
निवेदक -- ओम सिंह राजपुरोहित जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर

पाली की बहू चंद्रकांता ने यूरोपियन मास्टर्स वॉलीबाल में भारत को दिलाया स्वर्ण

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चंद्रकांता जब दाे साल की थीं ताे मां का निधन हाे गया। दादा अाैर माैसी उन्हें वॉलीबाल की प्रैक्टिस कराने के लिए स्टेडियम तक जाते थे। महज 14 साल की उम्र मंे 1989 में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा दिखाने वाली चंद्रकांता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतने के लिए 30 साल तक लगातार मेहनत की। इस साल 27 जुलाई से हुए इटली में हुए यूरोपियन मास्टर्स खेलाें मंे जिले की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय वॉलीबाल खिलाड़ी चंद्रकांता की कप्तानी में भारतीय महिला मास्टर्स वॉलीबाल टीम ने गोल्ड मेडल जीतकर पाली काे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। फाइनल में ब्रिटेन की टीम काे हराकर यह गोल्ड मेडल जीता। भारत की टीम में चंद्रकांता राजपुरोहित के साथ चरणजीत काैर, शशि, नीलम, नीति, यशाेदा, गीतांजलि, कीर्ति, मीनाक्षी भी थी। अब 44 साल की उम्र में भी युवाअाें जैसा जाेश दिखाकर विश्वभर मंे अलग पहचान बनाई। इससे पहले सितंबर 2018 में भी एशिया पेसिफिक मास्टर्स गेम्स में भारतीय महिला वॉलीबाल टीम ने चंद्रकांता के नेतृत्व में गोल्ड जीता था। यानी एक साल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दाे गोल्ड जीते हैं। उल्लेखनीय है कि चंद्रकांता राजपुरोहित बाली के पूर्व प्रधान व वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्व. जेठूसिंह राजपुरोहित के पुत्र अरविंद सिंह की प|ी है। 

ट्रेन में शराबियों ने खिलाड़ियों के साथ की अभद्रता, चंद्रकांता ने अकेले किया सामना : कर्नाटक में टूर्नामेंट में जाने के दाैरान ट्रेन के महिला काेच में 6 से अधिक शराबी पहुंच गए अाैर खिलाड़ियों व महिलाअाें से अभद्रता करने लगे। इस पर चंद्रकांता ने अकेले ही शराबियों का सामना किया। इतना ही नहीं, ट्रेन की चेन खींच कर रुकवाया। पुलिस में सभी की शिकायत करते हुए उन्हें साैंप दिया। इस दाैरान चंद्रकांता काे भी हल्की चाेट अाई, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। इस घटना के बाद अभिभावक भी बेटियाें काे खुशी-खुशी उनके साथ भेजने लगे। 

बाली. यूरोपियन मास्टर्स गेम्स इटली में बारवा गांव की बहू चंद्रकांता राजपुरोहित स्वर्ण जितने के बाद तिरंगा लहराते हुए। 

इतनी ईमानदार कि याेग्य खिलाड़ी का चयन कराया 

चंद्रकांता दिल्ली शिक्षा विभाग में पिछले 10 साल से वॉलीबाल कोच है। खेलाे इंडिया गेम्स दाैरान एक बच्ची का सलेक्शन करने के बाद उसके स्थान पर दूसरी खिलाड़ी काे ले लिया। इस पर चंद्रकांता ने खुद उसकी शिकायत करते हुए उस खिलाड़ी काे वापस टीम में जगह दिलाई। 2018 से वॉलीबाल सेलेक्शन कमेटी की सदस्य हैं। इससे पहले 2014 से दिल्ली विश्वविद्यालय में वॉलीबाल टीम सेलेक्शन कमेटी की सदस्य रह चुकी हैं। दिल्ली राज्य वॉलीबाल टीम में खेलो इंडिया 2018 के लिए मैनेजर नियुक्त हुईं। 

लीग मैच में ब्रिटेन से हारे, फाइनल मंे उसी काे हरा जीता खिताब 

टूर्नामेंट के दाैरान के शुरू के मुकाबले में ब्रिटेन के हाथाें भारत की टीम चंद्रकांता के नेतृत्व में हार गई थी। इस पर शुरू मंे उम्मीदें जरूर टूटी। लेकिन चंद्रकांता अंतरराष्ट्रीय स्तर की काेच भी है। उन्हाेंने टीम का हाैसला बढ़ाया अाैर फाइनल तक पहुंचे। फाइनल में ब्रिटेन की टीम काे हरा खिताब अपने नाम किया। वर्ष 1989 से 2000 के बीच 12 राष्ट्रीय खेलों में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया। फिजिकल एजुकेशन में बैचलर्स की डिग्री प्राप्त की। वॉलीबाल कोचिंग में डिप्लोमा हासिल किया। नेशनल स्पोर्ट्स फेस्टिवल में राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। 1998 में पश्चिम बंगाल में 42, 43, 44, 46 व 47वीं सीनियर नेशनल वॉलीबाल में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया।