डिम्पल राजपुरोहित ने बैंक ऑफ अमरीका में चयन के बाद जॉइन की
अपनी जान जोखिम में डाल बचाई थी पैतीस मजदूरों की जिन्दगी , कोरोना को मात नहीं दे सके राजपुरोहित
प्रधुम्नविमलजी
शांता बेन शंकरलाल पुरोहित परिवार ने 1.75 करोड़ की लागत से बनवाया विद्यालय का नया भवन किया विभाग को सुपूर्द
डॉ - दिनेशकुमार राजपुरोहित बने , स्वर्ण महासंघ फाउण्डेशन के अमेरिका महाद्वीप के संयोजक
डॉ दिनेश पुरोहित जी बने सवर्ण महासंघ फाउंडेशन के अमेरिकन महाद्वीप के संयोजक
खून से ज्ञापन लिख छात्रसंघ अध्यक्ष अमर राजपुरोहित ने दी आंदोलन की चेतावनी*
जोधपुर के सत्येंद्र सिंह राजपुरोहित ने उठाया मनरेगा श्रमिकों को कोरोना वायरस से जागरूक करने का बीड़ा
सत्येंद्र सिंह राजपुरोहित ने बताया कि कोरोना संकट काल में शहरी क्षेत्रों में अधिकांश लोग चेहरे पर मास्क लगाए और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नजर आते हैं, मगर ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी जागरूकता का अभाव है। खासकर मनरेगा में काम करने वाली महिलाएं पेड़ की छांव के नीचे एक साथ झुंड बनाकर बैठी देखी जा सकती है। ये महिला मजूदर मास्क का इस्तेमाल भी नहीं करती हैं। ऐसे में राजपुरोहित ने जागरूकता फैलाने के लिए 5000 पम्पलेट छपवाने के साथ-साथ मनरेगा कार्यों स्थलों पर जाकर भी मजदूरों को कोरोना से बचने के तरीके और सावधाानियों के बारे में बता रहे हैं।
राजपुरोहित बताते हैं कि मनरेगा के श्रमिक काम करते हैं। वहां सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं होने की सबसे बड़ी वजह यह है कि कार्यस्थल पर छांव के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। पेड़ों की संख्या कम होने के चलते वे एक ही पेड़ के नीचे बड़ी संख्या में एक साथ बैठी नजर आती हैं।
राजपुरोहित ने उपखंड अधिकारी ओसियाँ, विकास अधिकारी तिंवरी को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि मनरेगा श्रमिकों के लिए कार्य स्थल पर टेंट लगाया जाए ताकि वह सोशल डिस्टेंसिंग की पालन हो सके। बता दें कि राजपुरोहित वर्तमान में जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय से पत्रकारिता विषय में एम ए कर रहे हैं।
बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र पुष्पेन्द्र राजपुरोहित का आईडिया रोकेगा कोरोना का प्रसार
Bikaner News: बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज (Engineering College Bikaner) के छात्र पुष्पेन्द्र राजपुरोहित (Pushpendra Rajpurohit) का चयन अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (All India Council for Technical Education) द्वारा विश्वव्यापी कोरोना महामारी से उत्पन्न समस्याओं से लड़ने के लिए संचालित प्रतियोगिता ‘समाधान’ (Mega Online Challenge-SAMADHAN COVID-19) में हुवा है.
मानव संसाधन विकास मंत्रालय (Ministry of Human Resource Development) एवं अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्रतियोगिता ‘समाधान’ में 14 अप्रैल तक आईडिया मांगे गए थे । 18 अप्रैल को परिणामों की घोषणा मानव संसाधन विकास मंत्रालय की इन्नोवेशन सेल की वेबसाइट पर की गई।
अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर के इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल विभाग के पूर्व छात्र पुष्पेंद्र राजपुरोहित ने बताया कि आयोजकों द्वारा अगले चरण के लिए आईडिया का वीडियो आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपलोड कर दिया गया है जिस पर 22 अप्रैल की शाम 5 बजे तक वोटिंग होगी, अपना वोट देने के लिए लिंक में दिए गए वीडियो को लाइक करें।
ईसीबी प्राचार्य जयप्रकाश भामू ने बताया की पुष्पेंद्र राजपुरोहित का आईडिया कोरोना महामारी का समुदाय के स्तर पर संक्रमण को फैलने से रोकने का एक प्रभावी उपाय है। जिसके परीक्षण के उपरांत सफल होने पर एक काम लागत की डिवाइस बनाकर हॉस्पिटल, क्वारंटाइन सेंटर एवं सार्वजनिक स्थानों पर इंस्टालेशन किया जाएगा। यह डिवाइस विशेष अनुनादी तरंगों द्वारा वातावरण में मौजूद कोरोना वायरस का बाहरी कवच कुछ ही क्षणों में तोड़ देगा जिस से वायरस संक्रमण फैलाने में अक्षम हो जाएगा।
ईसीबी प्राचार्य जयप्रकाश भामू ने इस अवसर पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए बताया की ईसीबी तथा सम्पूर्ण बीकानेर के लिए यह गौरव व हर्ष का विषय है l इस वर्ष ईसीबी के 52 विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तरीय परीक्षा GATE में चयनित हो चुकें हैं l उन्होंने इसे महाविद्यालय के शिक्षकों की की सम्पूर्ण लगनता तथा व्यावहारिक शिक्षा का परिणाम बताया l
ईसीबी प्राचार्य जयप्रकाश भामू ने इस अवसर पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए बताया की ईसीबी तथा सम्पूर्ण बीकानेर के लिए यह गौरव व हर्ष का विषय है l इस वर्ष ईसीबी के 52 विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तरीय परीक्षा GATE में चयनित हो चुकें हैं l उन्होंने इसे महाविद्यालय के शिक्षकों की की सम्पूर्ण लगनता तथा व्यावहारिक शिक्षा का परिणाम बताया
श्रीखेतेश्वर पैदल यात्रा संघ सैकड़ों जरुरतमंदों को सोश्यल डिस्टेंस के साथ भोजन कराकर मनाएंगे जन्म कल्याणक महोत्सव
आदरणीय प्रोफेसर लालसिंह जी राजपुरोहित (विभागाध्यक्ष - जंतु विज्ञान विभाग जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर) आज अपनी गौरवमयी विश्वविद्यालय सेवा से सेवानिरवृत हो रहे हैं
,नक्सलियों के मौत का दूसरा नाम हैं नरपतसिंह राजपुरोहित आज राष्ट्रपति पुलिस पदक से होंगे सम्मानित
बाड़मेर के बहादुर बेटे नरपतसिंह राजपुरोहित को राष्ट्रपति पुलिस पदक के साथ छह लाख रुपए नकद, इंदिरा गांधी नहर के द्वितीय चरण में 25 बीघा भूमि अथवा जमीन के एवज में चार लाख रुपए भी प्रदान किए जाएंगे। बाड़मेर के गांव ढोक निवासी नरपत सिंह राजपुरोहित अपनी बटालियन के हीरो माने जाते हैं। वर्तमान ये झारखंड के नक्सलवाद से प्रभावित इलाकों में तैनात हैं कुछ समय पहले इन्होंने अपनी जान को जोखिम में डालकर आठ नक्सलियों को सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया था। झारखंड एवं ओडिशा के नक्सलवाद से प्रभावित इलाकों में नरपत सिंह के ख़ौफ़ से माओवादी समर्पण कर रहे हैं या फिर वे इलाका ही छोड़ रहे हैं।
एसएसबी की 18वीं वाहिनी में तैनात नरपतसिंह के उच्च अधिकारी भी उनकी कार्यशैली के कायल हैं। इस बहादुर की देश सेवा के जज्बे को लेकर तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इन्हें सम्मानित किया था। नरपतसिंह हैं कि नक्सलवादियों का सबसे बड़ा हथियार गुरिल्ला युद्ध है, लेकिन एसएसबी उसका मुंहतोड़ जवाब देती है। नरपतसिंह की टीम ने न केवल कई नक्सलवादियों को मार गिराया बल्कि अब तक 8 हार्डकोर नक्सलियों को पकड़ भी चुकी है।
बता दें कि नरपत सिंह राजपुरोहित ने 28 जुलाई 2018 को दुमका में अपने 10 जवानों के साथ एक ऑपरेशन को लीड करते हुए 2007 से सक्रिय नक्सली दसनाथ देहरी और अनुज पहाड़िया को करीब घंटे तक की मुठभेड़ के बाद मार गिराया था। 20 नक्सलियों का बहादुरी से मुकाबला किया था।
सेंट्रल गवर्नमेंट के द्वारा वीरता पदक मिलने के बाद तीन हजार की राशि पदक विजेता को प्रति माह के साथ रेलवे में द्वितीय श्रेणी एसी निशुल्क और सरकारी एयरलाइंस में रियायत मिलती है। गौरतलब है कि वर्ष 2012 में नरपत सिंह राजपुरोहित ने एसएसबी बतौर असिस्टेंट कमांडेंट ज्वाइन की थी। जवाहर नवोदय विद्यालय पचपदरा बाड़मेर से पढ़ाई की। डीयू खालसा कॉलेज दिल्ली से उच्च शिक्षा प्राप्त की।
नर सेवा नारायण सेवा पर बल देते कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य है- महंत
जीके गोवाणी महाविद्यालय में पूर्व विद्यार्थियों की बैठक आयोजित , सत्यवानसिंह राजपुरोहित अध्यक्ष मनोनीत
स्थानीय जीके गोवाणी राजकीय महाविद्यालय में पूर्व विद्यार्थियों की बैठक आयोजित हुई । बैठक में पूर्व विद्यार्थी संस्था के पंजीकरण के लिए कार्यकारिणी का गठन किया गया । जिसमें सत्यवानसिंह राजपुरोहित को अध्यक्ष मनोनीत किया गया । प्रोफेसर अरुण कुमार दवे बताया कि करीब 54 वर्ष पूर्व स्थापित इस महाविद्यालय में अब तक हजारों विद्यार्थी अध्ययन कर प्रशासनिक शैक्षिक व अन्य सेवाओं तथा व्यापार क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा हैं । एडवोकेट रमेश सुथार ने कहा जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण यह राजकीय उच्च शिक्षण संस्थान अपने विकास में पिछडता चला जा रहाहालांकि गत दो वर्षों भामाशाह परिवार ने महाविद्यालय के कायाकल्प का बीड़ा उठाया है । महाविद्यालय शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक स्टाफ की कमी से जूझ रहा हैं जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा हैं । अशोकसिंह ओपावत एसोसिएशन का नामकरण के गोवाणी राजकीय महाविद्यालय पूर्व विद्यार्थी संस्था करने का प्रस्ताव रखा जिसे सर्व सम्मति से स्वीकार कर लिया गया । कार्यकारिणी केतहत सत्यवानसिंह राजपुरोहित अध्यक्ष , विक्रम चौधरी को सचिव , भंवरलाल पंवार को कोषाध्यक्ष , गुलाबसिंह जोराराम विश्नोई को उपाध्यक्ष , रमेश सुथार को विधि सलाहकार , तिलोकचन्द जाट को सह सचिव व मीठालाल जांगिड़ को प्रवक्ता तथा डॉ अरूण कुमार दवे , भगवानाराम विश्नोई , श्रवणसिंह राव . सांवलसिंह राव . दिनेश कमार कार्यकारिणी सदस्य मनोनीत किया गयामाता-पिता की सेवा से बड़ा कोई नेक काम नहीं-गुरुदेव
Updated On:
11 Oct 2019, 08:23:00 PM ISTखेतेश्वर भवन में धर्मसभा
बेंगलूरु. ब्रह्म सावित्री सिद्ध पीठाधीश्वर ब्रह्मर्षि संत श्री तुलसारामजी ने कहा कि माता पिता की सेवा से बढ़कर दुनिया में कोई नेक काम नहीं है। मानव मात्र में भाई चारा व प्रेमभाव प्रगाढ़ हो तथा हर मानव हाथ गरीब की सेवा में तत्पर उठता रहे। इसी से मानव का कल्याण होगा। वे शुक्रवार को बले पेट स्थित बेंगलूरु राजपुरोहित संघ के खेतेश्वर भवन में आयोजित धर्मसभा को सम्बोधित कर रहे थे।। वे ९ अक्टूबर को बेंगलूरु पहुंचे थे। वे अब सेलम, कड़प्पा व हैदराबाद होते हुए वापस जोधपुर जाएंगे। इस अवसर पर राजपुरोहित संघ के अनेक कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने भाग लिया।
खेतेश्वर ब्रह्मधाम तीर्थ आसोतरा के कोषाध्यक्ष रामलालजी सिया ने बताया कि संघ ब्रह्मर्षि संत तुलसारामजी की प्रेरणा से समाज सुधार की दिशा में अनेक कार्य कर रहा है। इनमें प्रति वर्ष आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों की शिक्षा पर ६० लाख रुपए बतौर छात्रवृत्ति खर्च कर रहा है। वहीं राजस्थान में समाज के बच्चों को अन्य शहरों में पढ़ाई के दौरान इधर-उधर नहीं भटकना पड़े इसके लिए छात्रावास बनवाए हैं। जयपुर में छात्रावास का निर्माण जारी है। बच्चों को संस्कार युक्त शिक्षा देने के लिए गांव-गांव में संस्कार शिविर संचालित किए जा रहे हैं।
सिया ने बताया कि ब्रह्मधाम आसोतरा जो कि राजस्थान में बाड़मेर जिले के बालोतरा क्षेत्र में वहां विद्यालय भवन भोजन शाला का निर्माण कराया गया है।
राजपुरोहित समाज के देशभर में ५० हजार से अधिक प्रतिष्ठान हैं। ऐसे में सभी प्रतिष्ठानों से प्रति वर्ष ५१सौ रुपए शिक्षा व विकास के लिए एकत्र किए जाएंगे। इससे ब्रह्मधाम में विकास के कार्य होंगे। साथ ही शिक्षा व समाज के लिए राशि का उपयोग किया जाएगा।
खंडावास की सुमनराजपुरोहित ने जिला स्तरीय प्रतियोगिता में जीता गोल्ड मेडल
जेएनवीयू: पुनर्मतगणना की मांग को लेकर प्रदर्शन
जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय में बुधवार को छात्र संघ चुनाव में उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे एबीवीपी के ओम सिंह राजपुरोहित ने अपने समर्थकों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने कुलपति से उपाध्यक्ष पद की पुनर्मतगणना की मांग की। कार्यवाहक कुलपति डॉ विष्णु शर्मा ने मामला विश्वविद्यालय के मुख्य चुनाव अधिकारी और ग्रीवेंस कमेटी को भेजा है।
ओम सिंह राजपुरोहित ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ बुधवार दोपहर 12 बजे विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। कुछ समय बाद कुलपति डॉ शर्मा पहुंच गए, उन्होंने छात्रों को बातचीत के लिए अंदर बुलाया। राजपुरोहित ने कुलपति से कहा कि उन्होंने मतगणना समाप्ति के अगले दिन 29 अगस्त को ही अपनी शिकायत विश्वविद्यालय के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ रवि सक्सेना को दे दी थी लेकिन एक सप्ताह बाद भी ग्रीवेंस कमेटी की बैठक आयोजित नहीं की गई जबकि नियमानुसार 24 घंटे के भीतर कमेटी की बैठक का प्रावधान है।
गौरतलब है कि उपाध्यक्ष पद की मतगणना 28 अगस्त को रात 1 बजे तक चली थी। इसमें दोनों प्रत्याशियों के असंतुष्ट होने के बाद रिकाउंटिंग की गई थी। रिकाउंटिंग के बाद एनएसयूआई की सुशीला मेघवाल को 25 वोट से विजय घोषित किया गया था। राजपुरोहित का कहना है कि उसके कई वैध वोट खारिज कर दिए गए थे।
ओम सिंह के साथ हुए अन्याय के विरोध में दिनांक 04-09- 2019 को सुबह 11:00 बजे विश्वविद्यालय की ग्रीवेंस कमेटी में पुनः मतगणना को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन
पाली की बहू चंद्रकांता ने यूरोपियन मास्टर्स वॉलीबाल में भारत को दिलाया स्वर्ण
चंद्रकांता जब दाे साल की थीं ताे मां का निधन हाे गया। दादा अाैर माैसी उन्हें वॉलीबाल की प्रैक्टिस कराने के लिए स्टेडियम तक जाते थे। महज 14 साल की उम्र मंे 1989 में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा दिखाने वाली चंद्रकांता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतने के लिए 30 साल तक लगातार मेहनत की। इस साल 27 जुलाई से हुए इटली में हुए यूरोपियन मास्टर्स खेलाें मंे जिले की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय वॉलीबाल खिलाड़ी चंद्रकांता की कप्तानी में भारतीय महिला मास्टर्स वॉलीबाल टीम ने गोल्ड मेडल जीतकर पाली काे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। फाइनल में ब्रिटेन की टीम काे हराकर यह गोल्ड मेडल जीता। भारत की टीम में चंद्रकांता राजपुरोहित के साथ चरणजीत काैर, शशि, नीलम, नीति, यशाेदा, गीतांजलि, कीर्ति, मीनाक्षी भी थी। अब 44 साल की उम्र में भी युवाअाें जैसा जाेश दिखाकर विश्वभर मंे अलग पहचान बनाई। इससे पहले सितंबर 2018 में भी एशिया पेसिफिक मास्टर्स गेम्स में भारतीय महिला वॉलीबाल टीम ने चंद्रकांता के नेतृत्व में गोल्ड जीता था। यानी एक साल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दाे गोल्ड जीते हैं। उल्लेखनीय है कि चंद्रकांता राजपुरोहित बाली के पूर्व प्रधान व वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्व. जेठूसिंह राजपुरोहित के पुत्र अरविंद सिंह की प|ी है।





