निराश्रित बच्चे खुद को समाज से अलग महसूस नहीं करें इसलिए राजपुरोहित परिवार ने बनाया शादी में मेहमान
अभी तक हम यह सुनते आए है कि शादी में बचा खाना आश्रम के बच्चों को खिलाया गया या कच्ची बस्तियों में बांटा गया। मगर राजपुरोहित परिवार ने एक अनूठी पहल करते हुए निराश्रित बच्चों को शादी में खास मेहमान बनाया गया। रेयान कॉलेज के प्राचार्य संतोष राजपुरोहित ने अपनी भांजी हिमांशु की शादी में इन बच्चों को विशेष रूप से आमंत्रित कर समाज के समक्ष मिसाल पेश की। शादी समारोह में मक्कासर गांव में स्थित एक लव्य आश्रम के बच्चों को खास मेहमान के रूप में बुलाया गया। इस दौरान प्राचार्य राजपुरोहित ने इन बच्चों को अपने हाथों से खाना खिलाया। आश्रम संचालक व बच्चें इस मेहमानवाजी को देख काफी खुश नजर आए। वहीं दुल्हन हिमांशु के मामा प्राचार्य संतोष राजपुरोहित व पिता शंकर सिंह जागरवाल का कहना है कि बच्चों के चेहरे पर खुशी देखकर हममें आत्मविश्वास व संतुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि आज तक जो शादियां हुई उनमें हमेशा पितरों व देवी-देवताओं के भोग लगाने के लिए सबसे पहले भोजन निकाला जाता है, लेकिन इस बार इन खास मेहमान बच्चों को सबसे पहले भोजन करवा कर उस परंपरा का वहन किया गया। राजपुरोहित का कहना है कि सभी को इस तरह के सामाजिक कार्य करने चाहिए, ताकि निराश्रित बच्चें अपने आप को समाज से अलग महसूस नहीं करें।

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