ब्रह्मधाम में एक लाख व्यापारी हर साल देंगे 5100 रुपए ताकि समाज का हर बेटा - बेटी पढ़ सके ।
rajpurohiit news एक्स्प्रेस्स
ब्रह्मधाम आसोतरा की ओर से राजपुरोहित समाज की बालिकाओं को शिक्षा व संस्कार देने लिए चलाए जा रहे संस्कार शिविर अभियान ने अब बड़ा रूप ले लिया है । समाज में शिक्षा के साथ - साथ सवांगीण विकास के लिए अब ब्रह्मधाम के आह्वान पर सामूहिक प्रयास हो रहे हैं । इसके लिए देशभर में व्यवसाय कर रहे समाज के लोगों से 51 सौ रुपए का सहयोग लेने का निर्णय लिया गया । खास बात यह कि यह राशि प्रत्येक वर्ष समाज के ट्रस्ट में जमा होगी । इस राशि से बालक - बालिका शिक्षा के साथ - साथ विभिन्न स्थानों पर विकास के काम करवाए जाएंगे । हाल ही खेतेश्वर भगवान की 35वीं पुण्यतिथि पर ब्रह्मधाम आसोतरा में आयोजित कार्यक्रम में गादीपति बह्मर्षि तुलसाराम महाराज व उनके शिष्य डॉ . ध्यानाराम वेदांताचार्य के सानिध्य यह निर्णय लिया गया । इसका समाज के शिक्षाविदों के साथ - साथ व्यापारी वर्ग ने भी स्वागत किया है । युवा वर्ग तो इस निर्णय को लेकर उत्साहित है । उनका कहना है कि ऐसे निर्णयों से समाज के युवाओं में शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ेगा और अच्छे परिणाम सामने आएंगे ।
प्रत्येक जिले में 1000 व देशभर में समाज के 50 हजार प्रतिष्ठान राजपुरोहित समाज के देशभर में 50 हजार से अधिक प्रतिष्ठान हैं । ऐसे में सभी प्रतिष्ठानों से प्रतिवर्ष 5100 रुपए शिक्षा व विकास के लिए एकत्र होंगे । इससे ब्रह्मधाम में विकास के कार्य होंगे । इसमें स्कूल का निर्माण , प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी , बड़े - बड़े हॉल व भवनों का निर्माण सहित अन्य कार्य करवाए जाएंगे । देशभर में फैले राजपुरोहित समाज के लोग विभिन्न क्षेत्रों में अलगसे कार्य भी करते हैं । ऐसे में वे भी सहयोग करने के लिए तत्पर रहते हैं ।
चार साल से हर साल शिक्षा के लिए 60 लाख रुपए खर्च ब्रह्मधाम द्वारा प्रतिवर्ष आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र छात्राओं को पढ़ने के लिए 60 लाख का सहयोग भी किया जा रहा है । इन छात्र - छात्राओं को छात्रवृत्ति से लेकर अन्य देशको के जिलों में पढ़ने के लिए भी आर्थिक सहयोग किया जाता है । इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां भी करवाई जाती है । ऐसे में इस सहयोग से अब समाज के जरूरतमंद लोगों को भी अधिक सहयोग मिल पाएगा । साथ ही अन्य विकास कार्यों के लिए इसका उपयोग किया जाएगा ।
बालक - बालिकाओं के लिए संस्कार शिविर का आयोजन डॉ . ध्यानाराम वेदांताचार्य के सान्निध्य में राजस्थान के विभिन्न जिलों में बालक बालिकाओं के लिए संस्कार शिविरों का भी आयोजन किया जाता है । इसमें समाज को संस्कृति व परंपरा के साथ ही बच्चों देशको संस्कार दिए जाते हैं , ताकि आने वाली पीढ़ी अन्य कुरीतियों से दूर रहे । इनके सान्निध्य में नशामुक्ति को लेकर भी बड़े निर्णय लिए गए । अब तक करीब 20 से अधिक संस्कार शिविरों का आयोजन किया जा चुका है । अब दीपावली की छुट्टियों में बालिका संस्कार शिविर का आयोजन किया जाएगा । इसके लिए पाली , जालोर , सिरोही , बाड़मेर , बीकानेर , जोधपुर , नागौर सहित कई स्थानों पर यह शिविर आयोजित होंगे ।
मृत्युभोजबंद , नशाव दहेजमुक्त समाजका संकल्पसाकार ब्रह्मधाम आसोतरा के सानिध्य में विभिन्न कुरीतियों को भी बंद किया गया है । करीव 16 महीने पहले समाज में मृत्युभोज को बंद कर दिया । साथ नशामुक्त समाज के लिए संकल्प दिलाया गया । अब शादी व समारोह में नशे की मनुहार तक नहीं होती है । इतना ही नहीं , समाज में दहेज मुक्त शादियां होती हैं । इसमें समाज के जरुरतमंदों लोगों को काफी संवल मिला है , वहीं अन्य लोग भी अब शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग कर रहे हैं । ऐसे में अव वह शिक्षा व विकास के लिए किया गया निर्णय समाज ही नहीं , अन्य समाजों के लिए प्रेरणास्त्रोत है ।
ब्रह्मधाम आसोतरा की ओर से राजपुरोहित समाज की बालिकाओं को शिक्षा व संस्कार देने लिए चलाए जा रहे संस्कार शिविर अभियान ने अब बड़ा रूप ले लिया है । समाज में शिक्षा के साथ - साथ सवांगीण विकास के लिए अब ब्रह्मधाम के आह्वान पर सामूहिक प्रयास हो रहे हैं । इसके लिए देशभर में व्यवसाय कर रहे समाज के लोगों से 51 सौ रुपए का सहयोग लेने का निर्णय लिया गया । खास बात यह कि यह राशि प्रत्येक वर्ष समाज के ट्रस्ट में जमा होगी । इस राशि से बालक - बालिका शिक्षा के साथ - साथ विभिन्न स्थानों पर विकास के काम करवाए जाएंगे । हाल ही खेतेश्वर भगवान की 35वीं पुण्यतिथि पर ब्रह्मधाम आसोतरा में आयोजित कार्यक्रम में गादीपति बह्मर्षि तुलसाराम महाराज व उनके शिष्य डॉ . ध्यानाराम वेदांताचार्य के सानिध्य यह निर्णय लिया गया । इसका समाज के शिक्षाविदों के साथ - साथ व्यापारी वर्ग ने भी स्वागत किया है । युवा वर्ग तो इस निर्णय को लेकर उत्साहित है । उनका कहना है कि ऐसे निर्णयों से समाज के युवाओं में शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ेगा और अच्छे परिणाम सामने आएंगे ।
प्रत्येक जिले में 1000 व देशभर में समाज के 50 हजार प्रतिष्ठान राजपुरोहित समाज के देशभर में 50 हजार से अधिक प्रतिष्ठान हैं । ऐसे में सभी प्रतिष्ठानों से प्रतिवर्ष 5100 रुपए शिक्षा व विकास के लिए एकत्र होंगे । इससे ब्रह्मधाम में विकास के कार्य होंगे । इसमें स्कूल का निर्माण , प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी , बड़े - बड़े हॉल व भवनों का निर्माण सहित अन्य कार्य करवाए जाएंगे । देशभर में फैले राजपुरोहित समाज के लोग विभिन्न क्षेत्रों में अलगसे कार्य भी करते हैं । ऐसे में वे भी सहयोग करने के लिए तत्पर रहते हैं ।
चार साल से हर साल शिक्षा के लिए 60 लाख रुपए खर्च ब्रह्मधाम द्वारा प्रतिवर्ष आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र छात्राओं को पढ़ने के लिए 60 लाख का सहयोग भी किया जा रहा है । इन छात्र - छात्राओं को छात्रवृत्ति से लेकर अन्य देशको के जिलों में पढ़ने के लिए भी आर्थिक सहयोग किया जाता है । इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां भी करवाई जाती है । ऐसे में इस सहयोग से अब समाज के जरूरतमंद लोगों को भी अधिक सहयोग मिल पाएगा । साथ ही अन्य विकास कार्यों के लिए इसका उपयोग किया जाएगा ।
बालक - बालिकाओं के लिए संस्कार शिविर का आयोजन डॉ . ध्यानाराम वेदांताचार्य के सान्निध्य में राजस्थान के विभिन्न जिलों में बालक बालिकाओं के लिए संस्कार शिविरों का भी आयोजन किया जाता है । इसमें समाज को संस्कृति व परंपरा के साथ ही बच्चों देशको संस्कार दिए जाते हैं , ताकि आने वाली पीढ़ी अन्य कुरीतियों से दूर रहे । इनके सान्निध्य में नशामुक्ति को लेकर भी बड़े निर्णय लिए गए । अब तक करीब 20 से अधिक संस्कार शिविरों का आयोजन किया जा चुका है । अब दीपावली की छुट्टियों में बालिका संस्कार शिविर का आयोजन किया जाएगा । इसके लिए पाली , जालोर , सिरोही , बाड़मेर , बीकानेर , जोधपुर , नागौर सहित कई स्थानों पर यह शिविर आयोजित होंगे ।
मृत्युभोजबंद , नशाव दहेजमुक्त समाजका संकल्पसाकार ब्रह्मधाम आसोतरा के सानिध्य में विभिन्न कुरीतियों को भी बंद किया गया है । करीव 16 महीने पहले समाज में मृत्युभोज को बंद कर दिया । साथ नशामुक्त समाज के लिए संकल्प दिलाया गया । अब शादी व समारोह में नशे की मनुहार तक नहीं होती है । इतना ही नहीं , समाज में दहेज मुक्त शादियां होती हैं । इसमें समाज के जरुरतमंदों लोगों को काफी संवल मिला है , वहीं अन्य लोग भी अब शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग कर रहे हैं । ऐसे में अव वह शिक्षा व विकास के लिए किया गया निर्णय समाज ही नहीं , अन्य समाजों के लिए प्रेरणास्त्रोत है ।

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