बिलाड़ा (जोधपुर) कृषि विज्ञान में एमबीए कर चुके दीपकजी राजपुरोहित ने अपनी सगाई दस्तूरी के दौरान अनूठी पहल करते हुए अपने ससुराल पक्ष से हजारों रुपए का टीका दस्तूरी लेने से मना कर महज 101 रुपए और श्रीफल ही स्वीकार किया। इस अवसर पर समाज के कई गांव के लोग मौजूद थे। मादलिया आश्रम के संत शंकरदासजी ने दीपक की इस पहल को अनुकरणीय बताया।
जाटियावास गांव के मदन सिंहजी ,जय सिंहजी ,गणपत सिंहजी ,भरत सिंहजी ,चंदन सिंहजी, भगवान सिंहजी और मंगल सिंहजी परिवार के दीपकजी राजपुरोहित ने हाल ही में देहरादून इसरो से इंटर्नशिप और कृषि विज्ञान में एमबीए किया है, जिसकी सगाई करने के लिए नारनाडी से पुखसिंहजी, मांगीलालजी, एवं रानू सिंहजी अपने परिजनों के साथ जाटियावास में मादलिया आश्रम के संत शंकर दासजी की साक्षी में हजारों रुपए का टीका एवं आभूषण लेकर दस्तूरी की रस्म के लिए आए। दीपकजी ने अपने परिजनों की सलाह पर अनूठी पहल करते हुए मात्र 101 रुपए व श्रीफल ही स्वीकार कर उपस्थित जनों से आशीर्वाद लिया। उपखंड अधिकारी शैतानसिंहजी राजपुरोहित ने दीपक पहल को अनुकरणीय बताया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रहे अर्जुन सिंंह जी ने कहा समाज को अन्य सामाजिक बुराइयों एवं व्यसनों को त्याग कर नई पीढ़ी को संस्कारित एवं उच्च शिक्षा दिलानी चाहिए।
जाटियावास गांव के मदन सिंहजी ,जय सिंहजी ,गणपत सिंहजी ,भरत सिंहजी ,चंदन सिंहजी, भगवान सिंहजी और मंगल सिंहजी परिवार के दीपकजी राजपुरोहित ने हाल ही में देहरादून इसरो से इंटर्नशिप और कृषि विज्ञान में एमबीए किया है, जिसकी सगाई करने के लिए नारनाडी से पुखसिंहजी, मांगीलालजी, एवं रानू सिंहजी अपने परिजनों के साथ जाटियावास में मादलिया आश्रम के संत शंकर दासजी की साक्षी में हजारों रुपए का टीका एवं आभूषण लेकर दस्तूरी की रस्म के लिए आए। दीपकजी ने अपने परिजनों की सलाह पर अनूठी पहल करते हुए मात्र 101 रुपए व श्रीफल ही स्वीकार कर उपस्थित जनों से आशीर्वाद लिया। उपखंड अधिकारी शैतानसिंहजी राजपुरोहित ने दीपक पहल को अनुकरणीय बताया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रहे अर्जुन सिंंह जी ने कहा समाज को अन्य सामाजिक बुराइयों एवं व्यसनों को त्याग कर नई पीढ़ी को संस्कारित एवं उच्च शिक्षा दिलानी चाहिए।