पादरु । बदलते परिवेश और काम की अधिकता में एक दूसरे से ना मिलने की मजबूरी ने संवेदनशीलता की एक लकीर मानव जीवन में बना दी है अपने कामों में व्यस्त था का यह आलम है कि जरूरतमंदों हमारी आंखें देख भी नहीं पाती हैं लेकिन कौन कहता है कि मानवता मर गई है अभी भी समाज में ऐसे लोग एवं युवा है जो अपने जीवन को दांव पर लगाकर दूसरों की जान बचाने के लिए हर तरह का प्रयास करते हैं ऐसा ही उदाहरण देखने को कस्बे के बालोतरा रोड पर स्थित शान्ति हॉस्पिटल पादरू में भर्ती प्रसूता सुंदर देवी पत्नी सांवलाराम देवासी निवासी पादरू को प्रसव के दौरान उनके शरीर में रक्त की कमी पाई गई।भर्ती मरीज सुंदर देवी को बी पॉजिटिव की जरूरत होने पर एक कॉल करने पर 33 किलोमीटर का सफर कर टीम बालोतरा के रक्तवीर सदस्य गुड़ानाल निवासी विक्रम सिंह राजपुरोहित ( आर्मी जवान ) व पादरू निवासी अर्जुन देवासी ने इमरजेंसी में एक - एक यूनिट रक्तदान कर प्रसूता की जान बचाने में अपनी भागीदारी निभाने में अहम भूमिका निभाई।जिसमें दो सक्रिय सदस्यों ने रक्तदान कर मानवता कीमिशाल पेश की इस दौरान लाल बून्द जीवनदाता सेवासमिति व रक्तकोष मित्र मंडल सदस्य भगाराम पादरू , डायरेक्टर मोहनलाल सियाग , नरपत माली , छोटू सिंह , टीकमाराम देवासी , कैलाश बिश्नोई उपस्थित रहे । टीम बालोतरा के प्रभारी सेलुराजसिंह ईटवाया ने गर्व महसूस करते बताया कि फौजी साहब कुछ ही दिनों पहले ट्रेनिग लेकर छुट्टियां में गांव लौटे हैं और इनकी पहली पोस्टिंग कश्मीर में हैं , और उन्होंने साबित कर दिया कि फौजी ना सिर्फ सीमा पर बल्कि समाज के बीच रहकर भी सेवा का भाव रखतें हैं और विक्रम सिंह जी टीम बालोतरा के हर नेक मुहीम में तत्पर रहते हैं संस्थापक ओमसिंह सितली , कुलदीप सिंह सोढा , सुरेश देवासी सिणेर , सुजान रायका पादरु , दीपसिंह असाडा , अरविंदसिंह जेठंतरी , रणजीतसिंह सिवाना सहित समस्त टीम बालोतरा की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया
आर्मी जवान विक्रम सिंह राजपुरोहित गुड़ानालव एक ओर युवा ने रक्तदान कर प्रसूता की बचाई जान
byसुरेश राजपुरोहित ईटवाया
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