व्यक्ति और समाज*

*व्यक्ति और समाज*
*व्यक्ति समाज की एक महत्वपूर्ण ईकाई है*। 
*व्यक्ति से परिवार , परिवार से समाज बनता है ।*
 *व्यक्ति जितना अपने आप में महत्वपूर्ण है , उससे कहीं अधिक समाज महत्वपूर्ण है ।* *व्यक्ति का अस्तित्व समाज से ही है व्यक्ति और समाज एक दूसरे के पूरक हैं ।*
 *न ही व्यक्ति के बिना समाज बन सकता है और न ही समाज के बिना व्यक्ति ।* *व्यक्ति ही समाज की आधारशिला रखता है ।* *व्यक्ति जैसा होता है समाज भी वैसा ही होता है |* *व्यक्ति की विचारधारा ही समाज की दिशा तय करती है ।* *समाज कैसा हो इसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व व्यक्ति के उपर ही होता है ,* *अर्थात् समाज के लिए व्यक्ति की जिम्मेदारी बड़ी हो जाती है* 
✍️ *सुरेश राजपुरोहित ईटवाया*
http://rajpurohitnewsexpress.blogspot.com

सुरेश राजपुरोहित ईटवाया

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