राजपुरोहित समाज के ऐसे रक्तवीर जो जिला अस्पताल में पांच यूनिट औसत ब्लड प्रतिदिन उपलब्ध करवाते है

जय गुरु महाराज री सा । आज विश्व रक्तदान दिवस है। आज  हम    राजपुरोहित समाज के ऐसे           रक्तवीर से रूबरू करवा रहे है। जिन्होंने आपातकालीन स्थिति व विपरीत परिस्थितियों में जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध करवाकर उन्हें नई जिंदगी दी है ।

इन्होंने   सोशलमीडिया पर ग्रुप बनाकर चौबीस घंटे सेवा देने का संकल्प ले रखा है ताकि किसी भी जरूरतमंद की खून की कमी के कारण मृत्यु न हो।

इसके लिए विभिन्न ब्लड ग्रुपों के सैकड़ों रक्तदाता इनके साथ जुड़े हुए है।   

पूरे भारतवर्ष में  जब भी रक्त की जरूरत पड़ती है तो ऑनलाइन संपर्क कर संबंधित शहर व क्षेत्र के रक्तदाता से ब्लड उपलब्ध करवाते है।

 ऐसे कई केस है, जिसमें इन्होंने सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे लोगों को रक्तदान करवाकर मदद की है।

आज आपसे रूबरू करा रहे है *कपड़ा व्यवसायी हेमंतजी  राजपुरोहित से 

जो रक्तवीर की भूमिका निभा रहे है।  हेंमत जी कहते है कि इनके 15 दिन के बच्चे को पीलिया हो गया था। इन्होंने उसे अस्पताल में दिखाया तो डॉक्टर ने तुरंत ब्लड चढ़ाने की बात कही।

 उस समय शहर में जान पहचान नहीं होने की वजह से मैच ग्रुप का रक्तदाता नहीं मिल पाया।

इस दौरान राजपुरोहित के हाथ पैर फूल गए। इसके बाद बड़ी मुश्किल से दो रक्तदाता मिले। इनमें से एक ने बच्चे के लिए रक्तदान किया। इसके बाद हेमंत ने संकल्प लिया कि किसी भी मरीज को रक्त की कमी नहीं होने देंगे। उन्होंने लोगों से संपर्क बढ़ाया और ऑनलाइन रक्तदान के लिए ग्रुप बनाया। इसमें उन्होंने कई मित्रों व अन्य रक्तदाताओं को जोड़ा।

इसके बाद इन्होंने ऑन कॉल रक्तदाताओं से रक्तदान करवाना शुरू किया। जिला अस्पताल बाड़मेर में प्रतिदिन 20 से 25 यूनिट रक्त की जरूरत रहती है। इसमें से पांच यूनिट औसत ब्लड प्रतिदिन राजपुरोहित उपलब्ध करवाते है। आज तक इन्होंने 1770 यूनिट बाड़मेर शहर व 1912 यूनिट अन्य शहरों में तथा 750 यूनिट शिविर आयोजित कर रक्त की व्यवस्था करवाई है। इन्होंने कई बार आपातकाल में एक साथ 10 से 15 यूनिट रक्त भी मित्रों के सहयोग से उपलब्ध करवाया है।

सुरेश राजपुरोहित ईटवाया

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