पाऊँ गांव के अनमोल रतन महापुरुष हीरजी राजपुरोहित आज हमारे बीच नही रहे।

सफेद धोती और पीले मटिया सफेद साफे वाले पुरोधा धर्म का पालन करने वाले


समाज के कोहिनूर जिनका #व्यकितत्व ही इस आदर्श समाज की पहचान थी छोटे मोटे विवादो को यह जहा बैठते है वही अपनी #अदालत लगाकर एक जज की तरह आज भी सटीक न्याय का फैसला दे देते थे ।

इनकी  की अपनी एक अलग ही पर्सनलिटी थी 
चेहरे पे अनुभव की #सिलवटे आंखों में जागीरदारी खुमार कानो में #मुरकिया गले मे #माला कमीज की अंदर की जेब मे छोटी सी चकु पैरों में वजनदार #जुत्ती
रौबदार आवाज जुबान के पक्के सिद्धान्तवादी स्वाभिमान से जीने वाले। 




हर छोटी मोटी सगाई व्याह शादी अणत मायरा मुखाण ढूंढ की सभा #रियाण में जाने वाले 36 कौम से सामाजिक सदभाव रखने वाले समाज का डर और समाज की मर्यादा में जीने वाले बिना अहंकार सबको विनम्र भाव से आवकार देने वाले



रास्ते में मिलने वालों को जय श्री रघुनाथजी री #जुहारड़ा  करने वाले, उनका सुख दु:ख पूछने वाले, सिर पे हाथ फेर आशीष देने वाले।




पाऊ गांव के अनमोल रतन महापुरुष
हिरजी $%खेताजी राजपुरोहित आज हमारे बीच नही भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।।




सुरेश राजपुरोहित ईटवाया

Previous Post Next Post