जय गुरु महाराज री ।
इस साल छठा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। हालांकि, इस बार कोरोना वायरस के चलते योग दिवस का फोकस घर पर रहकर परिवार के साथ योग करने पर है। इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ”घर पर योगा और परिवार के साथ योगा” करना है। हर साल 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का स्वस्थ जीवन पानी की दिशा में बहुत महत्व है। योग ना सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनाता है। इसके अलावा योग जीवन को सकारात्मकता और ऊर्जावान बनाए रखने में भी मदद करता है। इस साल योगा डे मौके पर आप सभी समाज बन्धुओं को योग दिवस की हमारी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं । ओर इस मौके पर हम आपको अवगत कराएंगे राजपुरोहित समाज के योग गुरु से जिन्होंने अपने मेहनत के दम पर जीवन में अनेक सफलता के नित नये आयाम स्थापित किये है. आज हम बात कर रहे बाड़मेर के रडवा गांव के अशोक सिंह राजपुरोहित की जिन्हें राजपुरोहित समाज के कई युवा योग गुरु के नाम से भी पुकारते है ।
थार में योग को नवीन पहचान देने वाले असोकसिहजी ।
जो राजस्थान पुलिस में अपनी सेवा दे रहे है ।
झालावाड़ में 2017 आयोजित हुई राज्य स्तरीय पुलिस योग
प्रतियोगिता में राजपुरोहित ने सभी को पछाड़ते हुए 5 गोल्ड मैडल प्राप्त कर राज्य के बेस्ट पुरूष खिलाड़ी बने थे ।
राज्य के बेस्ट खिलाड़ी रहे अशोक सिहंजी 2016 योगा में राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान पुलिस का नेतृत्व कर चुके है ।
राजपुरोहित हॉस्टल जालोर में रहकर समाज के युवाओं को योग की पहचान दिलाने में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते है ।
इतना ही नही अपने स्वदेशी आन्दोलन के जरिये “ युवाओं को जागरूक करने में सदैव आगे रहते है.
राजपुरोहित जी बताते है कि आठवी पास करने के बाद मै दुबलेपन का शिकार हो गया था । घरवालो इलाज के कई अंग्रेजी दवाओ का खर्च उठाये लेकिन कामयाब नहीं हुए ।
तो मै शुरू से ही योग और आयुर्वेद में रूचि रखने के कारण आयुर्वेद का सहारा लिए और आयुर्वेदिक दवाओ और योग के के माध्यम पूरी तरह स्वस्थ्य हो गया । ओर 12th पास करने के बाद सीधा राजस्थान पुलिस में सलेक्त हो गए ।
योगा करते हुए अशोक सिंह राजगुरु






