rajpurohiit news express
हार हमें स्वीकार है पर गद्दारी नहीं
पहली काउंटींग में 10 वोट से जीते
द्वितीय काउंटींग में 56 वोट से जीते
तृतीय काउंटींग में 25 वोट से हारने के बाद
एक बार और रि- काउंटींग क्यों नहीं क्या आपका मकसद सिर्फ जीत का था या निष्पक्ष निर्णय देने का
ये मैं आपको विश्वास के साथ कहता हूँ यदि अपना उम्मीदवार पहली काउंटींग में 10 वोट से हार जाता तो आप मैदान छोड़ दौड़ जाते व प्रशासन एक बार रि- काउंटींग नहीं करता धन्य हैं मेरे समाज के युवा आइकॉन दुर्ग सिंह राजपुरोहित को जिन्होनें दो बार जीत होने के बावजूद भगवान पर भरोसा किया तीसरी बाद गद्दारी की तो समाज या कोई राजनिती का सपोर्ट नहीं मिला तो आँखों में आंसुओ की बुंदे टपक रही थी तो भी चौथी काउंटींग पर अड़े रहें पर राजनीति का शिकार हो गए
समाज में एकता नहीं यदि एकता हो या आपके पास संघर्ष के लिए समय हो तो JNVU उपाध्यक्ष पद पर ओम सिंह राजपुरोहित को कोई रोक ही नहीं सकता
हार हमें स्वीकार है पर गद्दारी नहीं
पहली काउंटींग में 10 वोट से जीते
द्वितीय काउंटींग में 56 वोट से जीते
तृतीय काउंटींग में 25 वोट से हारने के बाद
एक बार और रि- काउंटींग क्यों नहीं क्या आपका मकसद सिर्फ जीत का था या निष्पक्ष निर्णय देने का
ये मैं आपको विश्वास के साथ कहता हूँ यदि अपना उम्मीदवार पहली काउंटींग में 10 वोट से हार जाता तो आप मैदान छोड़ दौड़ जाते व प्रशासन एक बार रि- काउंटींग नहीं करता धन्य हैं मेरे समाज के युवा आइकॉन दुर्ग सिंह राजपुरोहित को जिन्होनें दो बार जीत होने के बावजूद भगवान पर भरोसा किया तीसरी बाद गद्दारी की तो समाज या कोई राजनिती का सपोर्ट नहीं मिला तो आँखों में आंसुओ की बुंदे टपक रही थी तो भी चौथी काउंटींग पर अड़े रहें पर राजनीति का शिकार हो गए
समाज में एकता नहीं यदि एकता हो या आपके पास संघर्ष के लिए समय हो तो JNVU उपाध्यक्ष पद पर ओम सिंह राजपुरोहित को कोई रोक ही नहीं सकता
